केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ लगभग 450 खिलाड़ियों की भर्ती खाली पदों के विरुद्ध करने जा रहा है। इसके साथ ही बल अपनी भर्ती नियमावली में संशोधन कर रहा है, ताकि सिपाही, हवलदार और सहायक उप-निरीक्षक स्तर पर खेल कोटे के तहत नियुक्ति हो सके। इस पहल का उद्देश्य सीआईएसएफ की खेल टीमों को मजबूत करना और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन बेहतर बनाना है।
सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती नियमों में संशोधन किया जा रहा है, जिससे सिपाही, हवलदार और सहायक उप-निरीक्षक स्तर पर खेल भर्ती संभव हो सके। उन्होंने कहा कि लगभग 450 खिलाड़ियों की भर्ती जल्द शुरू की जाएगी।
यह कदम गृह मंत्रालय के तहत बल की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत खेल अवसंरचना का विस्तार, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन तथा प्रशिक्षण सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। इन उपायों का लक्ष्य ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों सहित प्रमुख आयोजनों में भागीदारी बढ़ाना और पदक संभावनाओं को मजबूत करना है।
अवसंरचना विकास कई स्थानों पर जारी है। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी में एथलेटिक्स ट्रैक और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं, जबकि ग्रेटर नोएडा स्थित उप-प्रशिक्षण केंद्र में भी सुविधाएं तैयार की गई हैं। हरियाणा के नूंह में सीआईएसएफ महिला बटालियन में भी खेल अवसंरचना बनाई जा रही है।
एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारतीय खेल प्राधिकरण राजादित्य चोलन क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, थक्कोलम में एक क्षेत्रीय खेल केंद्र के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। प्रस्तावित केंद्र से बैडमिंटन, टेनिस, फेंसिंग और साइकिलिंग सहित कई खेलों के प्रशिक्षण को समर्थन मिलेगा।
ये घोषणाएं सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इस वर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बल के खिलाड़ियों के साथ हुई बैठक में कीं। 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में सीआईएसएफ के पांच खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। हवलदार ऋतु ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीता।
सीआईएसएफ ने अखिल भारतीय पुलिस खेल समूहों में भी बेहतर परिणाम दर्ज किए हैं। पांचों समूहों में पदकों की संख्या 2025-26 के 120 से बढ़कर 2026-27 में 169 हो गई, जिनमें 47 स्वर्ण, 30 रजत और 43 कांस्य से बढ़कर 64 स्वर्ण, 46 रजत और 59 कांस्य शामिल हैं। दल ट्रॉफियों की संख्या भी 10 से बढ़कर 20 हो गई, जिनमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों में वृद्धि दर्ज की गई। 2025-26 के लिए पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को लगभग 97 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए।
कुल 180 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को महानिदेशक डिस्क दिया जाएगा, जबकि 161 कर्मियों को महानिदेशक प्रशंसा प्रमाणपत्र मिलेंगे। खेल में योगदान के लिए नौ इकाई कमांडरों को भी सम्मानित किया जाएगा।
अतिरिक्त सहायता उपायों के तहत 2026 में 18 खिलाड़ियों को विशेष वेतनवृद्धि दी गई है, जिनमें पांच अंतरराष्ट्रीय स्तर और 13 राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए हैं। 2026-27 के लिए ऑफ-सीजन विशेष आहार भत्तों पर लगभग 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि इन-सीजन आहार के लिए करीब 4 करोड़ रुपये की प्रक्रिया जारी है। केंद्रीय खेल टीमों को लगभग 76 लाख रुपये मूल्य की सामान्य खेल किटें दी गई हैं और 71 लाख रुपये व्यक्तिगत किटों के लिए सीधे खिलाड़ियों को हस्तांतरित किए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि खाली पदों के विरुद्ध भर्ती, अवसंरचना उन्नयन, पोषण और उपकरण सहायता तथा उपलब्धियों की मान्यता जैसे संयुक्त उपाय प्रशिक्षण मानकों को ऊंचा करने और सीआईएसएफ कर्मियों के लिए प्रतिस्पर्धी खेलों में आगे बढ़ने के अधिक अवसर बनाने के लिए हैं। बल इन प्रयासों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रहा है।