कमांड अस्पताल सेंट्रल कमांड ने 8 जुलाई 2026 को अपने पहले बाल कर्णावर्त प्रत्यारोपण शल्य-चिकित्सा को सफलतापूर्वक पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह बच्चों के लिए विशेष श्रवण उपचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह शल्य-चिकित्सा अस्पताल की नाक, कान और गला टीम ने 2 वर्ष 5 महीने के एक बच्चे पर की, जिसे गहन तंत्रिका-श्रवण हानि का निदान हुआ था। इस उपचार से बच्चे की बोलने, भाषा सीखने और संचार कौशल विकसित करने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है, जिससे उसके जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।
यह उपलब्धि केंद्र के ऑडियो वेस्टिबुलर थेरेपी: प्रारंभिक आकलन और पुनर्वास केंद्र, यानी सीओसीएचएलईए, के संचालन के बाद आई है। यह केंद्र बहरापन रोकथाम और नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप स्थापित किया गया एक अग्रणी सुविधा केंद्र है।
इस सफल शल्य-चिकित्सा ने कमांड अस्पताल सेंट्रल कमांड की कर्णावर्त प्रत्यारोपण देखभाल में बढ़ती विशेषज्ञता को रेखांकित किया है। साथ ही यह नवाचार, विशेषीकृत नैदानिक क्षमताओं और संवेदनशील रोगी देखभाल के माध्यम से विश्वस्तरीय चिकित्सा उपचार देने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
यह उपलब्धि भारतीय सेना के उन निरंतर प्रयासों को भी प्रतिबिंबित करती है, जिनके तहत वह उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रही है और सेवा कर्मियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा समाधान उपलब्ध करा रही है।