लेफ्टिनेंट जनरल अदोश कुमार, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, आर्टिलरी के निदेशक जनरल, ने गोल्डन की गनर्स फॉर्मेशन का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इसके तकनीकी पहलों, operational readiness, और स्वदेशी क्षमता विकास की समीक्षा करना था।
दौरे के दौरान, DG आर्टिलरी ने कई नवीनतम परियोजनाओं और प्रशिक्षण पहलों का अवलोकन किया, जिसमें Drone Design and Testing Laboratories और Unmanned Aerial Systems (UAS) Training Node शामिल थे। इसने भारतीय सेना के तकनीक-आधारित युद्ध पर बढ़ते जोर को उजागर किया।
स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा
फॉर्मेशन ने ड्रोन तकनीकों और अन्य आधुनिक प्रणालियों के डिजाइन, परीक्षण और एकीकृत करने की दिशा में प्रयास प्रदर्शित किए, ताकि युद्ध के मैदान में सटीकता और स्थिति की जागरूकता को बढ़ाया जा सके। ये पहलें सेना के Atmanirbhar Bharat दृष्टिकोण के तहत स्वदेशी क्षमताओं के विकास पर जोर देती हैं।
DG मेडलियन से सम्मानित
लेफ्टिनेंट जनरल अदोश कुमार ने तकनीकी नवाचार, operational effectiveness और क्षमता विकास में उनके असाधारण योगदान के लिए आर्टिलरी शाखा के चुने हुए कर्मियों को DG Medallion प्रदान किया।
भविष्य के युद्धक्षेत्र क्षमताओं को मजबूत करना
इस दौरे ने भारतीय सेना की स्मार्ट सिस्टम बनाने, स्वदेशी रक्षा तकनीकों को मजबूत करने और नवाचार के माध्यम से युद्ध क्षमता में सुधार करने की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
ऐसी पहलें सुनिश्चित करने का प्रयास हैं कि आर्टिलरी शाखा तकनीकी रूप से उन्नत, operationally ready और भविष्य के युद्धक्षेत्र चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनी रहे।