पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बिरेंद्र सिंह धनोआ (सेवानिवृत्त) ने देहरादून स्थित अपने पुराने शिक्षण संस्थान राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में कैडेटों से मुलाकात की। 5 नवंबर 2026 को हुए इस दौरे में उन्होंने वायुसेना के अपने अनुभव साझा किए और सैन्य नेतृत्व की जिम्मेदारियों पर बात की।
धनोआ ने कैडेटों को पेशेवर दक्षता, साहस और विनम्रता का महत्व समझाया। उन्होंने सैन्य मूल्यों के प्रति अडिग रहने और भविष्य की जिम्मेदारियां निभाते समय ईमानदारी से काम करने पर जोर दिया। उनका संदेश था कि कैडेट सोच-समझकर जोखिम लेने का आत्मविश्वास विकसित करें और पर्याप्त जानकारी के आधार पर निर्णय लेना सीखें।
अपने सेवाकाल के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने अनुशासित नेतृत्व, सही परख और सैन्य आचरण के ऊंचे मानकों को बनाए रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कैडेटों से प्रशिक्षण के हर पहलू में बेहतर प्रदर्शन करने और राष्ट्रसेवा के आदर्शों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

एयर चीफ मार्शल धनोआ 31 दिसंबर 2016 से 30 सितंबर 2019 तक भारतीय वायुसेना के 25वें प्रमुख रहे। लड़ाकू पायलट रहे धनोआ परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने भारत की वायु रक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़े कई अहम घटनाक्रमों में नेतृत्व की भूमिका निभाई।


आरआईएमसी ने कई पीढ़ियों के सैन्य अधिकारियों को तैयार किया है। धनोआ भी इसी संस्थान के पूर्व छात्र हैं। उनकी इस यात्रा में कैडेटों को वायुसेना के सर्वोच्च पद पर रहे अधिकारी से सीधे संवाद करने और उनके अभियान संबंधी अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।