अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए कर्मियों के लिए सेवा-उपरांत करियर के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भारत सरकार ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) और असम राइफल्स में राइफलमैन पदों की भर्ती में सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है।
इसकी जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। गृह मंत्रालय के अनुसार, इन पदों के लिए विशेष रूप से पूर्व-अग्निवीर नाम की एक नई श्रेणी बनाई गई है।
मंत्रालय का कहना है कि यह कदम अग्निवीरों को सैन्य सेवा से देश की आंतरिक सुरक्षा बलों में जाने के लिए एक व्यवस्थित मार्ग देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) और असम राइफल्स में राइफलमैन के सभी रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पात्र सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगे।
सरकार ने पूर्व-अग्निवीरों के लिए ऊपरी आयु सीमा में भी छूट मंजूर की है। पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित अधिकतम आयु से तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। इसके अलावा, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए, पहले बैच के पूर्व-अग्निवीरों को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा से पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट भी दी गई है।
गृह मंत्रालय ने भर्ती प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण रियायतों की घोषणा की है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) तथा राइफलमैन पदों के लिए आवेदन करने वाले सेवानिवृत्त अग्निवीरों को शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, यह छूट अग्निवीरों को सेवा के दौरान मिले सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और परिचालन अनुभव को ध्यान में रखते हुए दी गई है।
अग्निवीरों के नागरिक और सुरक्षा क्षेत्र के रोजगार में सुगम संक्रमण को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक समर्पित पूर्व-अग्निवीर प्रकोष्ठ भी स्थापित किया है। यह प्रकोष्ठ मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संगठनों में पूर्व-अग्निवीरों की आगे की प्रगति, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों के समन्वय और सुविधा के लिए काम करेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निवीरों का पहला बैच अभी चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी नहीं कर सका है। इसलिए इन नई व्यवस्थाओं के तहत भर्ती प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब पहला बैच सेवा समाप्ति और नागरिक रोजगार में संक्रमण के लिए पात्र होगा।
यह घोषणा अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद सार्थक करियर अवसर देने की सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित करती है। 2022 में अग्निपथ योजना शुरू होने के बाद से केंद्र ने पूर्व-अग्निवीरों को केंद्रीय पुलिस बलों, राज्य पुलिस संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी उद्योग में समाहित करने के लिए कई पहलें शुरू की हैं।
समर्पित पूर्व-अग्निवीर भर्ती श्रेणी, पर्याप्त आरक्षण, आयु में छूट और भर्ती प्रक्रिया के कई चरणों से छूट के साथ सरकार का लक्ष्य है कि प्रशिक्षित सैन्य कर्मी अपनी सेवा पूरी करने के बाद भी राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देते रहें और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में स्थिर करियर बना सकें।