जम्मू और कश्मीर यूनियन टेरिटरी के डोडा जिले में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना ने गांव रक्षा गार्ड्स (VDGs) के लिए विशेष गेरिला़ युद्ध प्रशिक्षण शुरू किया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम VDGs की संचालन क्षमता, स्थिति की जागरूकता और रक्षा की तैयारी को बढ़ाने के लिए लक्षित है, खासकर उन संवेदनशील और दूरदराज के क्षेत्रों में जो आतंकवादी गतिविधियों के प्रति संवेदनशील हैं। इसमें प्रतिभागियों को बुनियादी गेरिला़ तकनीकों, हथियारों का संचालन, विषमाकर्षण और प्रतिविशमाकर्षण ड्रिल, निगरानी और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय की शिक्षा दी जा रही है।
सेना के प्रशिक्षक भी भौगोलिक परिचय, रात की चौकसी, और त्वरित प्रतिक्रिया तकनीकों पर जोर दे रहे हैं ताकि VDGs को एक प्रभावी पहले रक्षा की पंक्ति और सुरक्षा बलों के लिए खुफिया समर्थन प्रदान किया जा सके।
यह पहल भारतीय सेना की सामुदायिक सुरक्षा तंत्रों पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाती है, जो स्थानीय स्वयंसेवकों को आतंकवाद के खिलाफ संचालन में सक्रिय रूप से योगदान देने की क्षमता प्रदान करती है, साथ ही चेन्नाब घाटी क्षेत्र में कुल मिलाकर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करती है।
विशेषीकृत प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद के ख़तरों के खिलाफ स्थानीय संकल्पवानता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना और नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को मजबूती प्रदान करना है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रह सके।