सब्जेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त), जो कि कारगिल युद्ध के एक प्रशंसित नायक हैं, ने बरेली में स्थित जूनियर लीडर्स अकादमी (JLA) में एक प्रेरणादायक भाषण दिया। उनके अनुभवों ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया और भारतीय सैनिक की अदम्य भावना को दर्शाया।
युद्ध के मैदान से सीख
अपने युद्ध अनुभवों से, उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया:
- युद्ध क्षेत्र में साहस और सहनशीलता
- अडिग प्रोफेशनलिज्म
- चरम स्थितियों में नैतिक ताकत
- भारतीय सैनिक की अविनाशी आत्मा
भविष्य के नेताओं की प्रेरणा
इस सत्र में शामिल हुए:
- युवा नेता, जो प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के तहत हैं
- लगभग 50 एनसीसी कैडेट्स
इस सत्र ने “मिशन फर्स्ट”, “निस्वार्थ सेवा”, और “कठिनाई में नेतृत्व” जैसे मूल्यों को मजबूत करते हुए एक गहरा प्रभाव छोड़ा।
नेतृत्व के सिद्धांतों को मजबूती
इंटरएक्शन ने भारतीय सेना की इस प्राथमिकता को उजागर किया कि वो ऐसे नेताओं की तैयारी करें जो दबाव के तहत प्रदर्शन कर सकें और सेवा की उच्चतम परंपराओं का पालन कर सकें।
योगेंद्र सिंह यादव का यह भाषण न केवल सीखने का अवसर था, बल्कि यह सैनिकों के नेतृत्व और सेवा की भावना को भी पुष्ट करता है।