लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, PVSM, UYSM, AVSM, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ साउथर्न कमांड ने व्हाइट टाइगर डिवीजन का दौरा किया और उसकी ऑपरेशनल तैयारियों और आधुनिक युद्ध क्षमता का मूल्यांकन किया।
भविष्य-तैयार बल पर ध्यान
सैन्य कमांडर को फॉर्मेशन की नई पीढ़ी के उपकरणों (New Generation Equipment – NGE), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI), ऑटोमेशन और स्वदेशी नवाचारों की दिशा में बदलाव से अवगत कराया गया, जो भविष्य-तैयार बल के निर्माण की दिशा में है।
उन्नत प्रशिक्षण और संयुक्तता
ब्रीफिंग में बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम (Unmanned Aerial Systems – UAS) और काउंटर-UAS ऑपरेशनों, नेटवर्क-केन्द्रित युद्ध और ट्राइ-सर्विस संयुक्तता में प्रशिक्षण पर भी चर्चा हुई, जो आधुनिक युद्धक्षेत्रों की विकासशील प्रकृति को दर्शाता है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने फॉर्मेशन के आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta) की दिशा में तेजी से तकनीकी समावेश, संगठनात्मक नवाचार और निरंतर क्षमता वृद्धि के प्रयासों की सराहना की, जो भारतीय सेना के परिवर्तन के दशक के अनुरूप है।
निरंतर उत्कृष्टता का आह्वान
उन्होंने सभी रैंकों को पेशेवरता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने, उभरते खतरों के प्रति अनुकूलित रहने और संघर्ष के सम्पूर्ण स्पेक्ट्रम में ऑपरेशनल उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरे ने भविष्य के युद्ध के लिए एक तकनीकी तौर पर उन्नत, चंचल और युद्ध के लिए तैयार बल के निर्माण में भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।