सिक्किम, 15 अक्टूबर 2026: भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मन राज सिंह मान ने दक्षिण सिक्किम में सैनिकों द्वारा किए गए मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण का अवलोकन किया। यह प्रशिक्षण चुनौतीपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र में परिचालन तैयारी और युद्ध प्रभावशीलता बढ़ाने पर केंद्रित था।
यह अभ्यास वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप आयोजित किया गया, ताकि बदलते युद्धक्षेत्रीय हालात का प्रभावी ढंग से सामना करने की सैनिकों की क्षमता का आकलन और उसे मजबूत किया जा सके।
अभ्यास में भाग लेने वाली इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय, उभरती प्रौद्योगिकियों के एकीकरण, तीव्र गतिशीलता और कठिन ऊँचाई वाले इलाके में सहनशक्ति पर विशेष जोर दिया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए ये क्षमताएँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ और अप्रत्याशित मौसम परिचालन प्रभावशीलता को काफी प्रभावित कर सकते हैं।
अपने दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मान ने प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं को देखा और सौंपी गई परिचालन जिम्मेदारियों को निभाने के लिए सैनिकों की तैयारियों की समीक्षा की।
प्रशिक्षण में भारतीय सेना का क्षेत्रीय अभियानों में आधुनिक प्रौद्योगिकियों को शामिल करने पर निरंतर जोर भी सामने आया, साथ ही शारीरिक सहनशक्ति, सामरिक लचीलापन और संरचनाओं के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल मान ने भाग लेने वाले सैनिकों की पेशेवर दक्षता, दृढ़ता और प्रशिक्षण के उच्च मानकों की सराहना की। उन्होंने कठिन इलाके और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने के उनके समर्पण की प्रशंसा की।
पश्चिम बंगाल के सुखना में मुख्यालय वाली त्रिशक्ति कोर भारत-चीन सीमा से लगे संवेदनशील सिक्किम सेक्टर सहित पूर्वी हिमालयी क्षेत्र के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है।
दक्षिण सिक्किम में हुआ यह मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण भारतीय सेना के उच्च स्तर की युद्ध तैयारी बनाए रखने, परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने और क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सैनिकों को तैयार रखने पर उसके निरंतर ध्यान को दर्शाता है।