दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने मुख्यालय महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गठन की संचालनात्मक तैयारियों की समीक्षा की और मिशन से जुड़ी विभिन्न आवश्यक जिम्मेदारियों को निभाने की उसकी तत्परता का आकलन किया।
इस दौरे में दक्षिणी कमान के संचालन दक्षता, रसद मजबूती और संगठनात्मक उत्कृष्टता को ऊंचा बनाए रखने पर जारी ध्यान भी दिखाई दिया। सेना कमांडर ने रसद की निरंतरता, आधारभूत ढांचे के विकास, मानवीय सहायता और आपदा राहत की तैयारियों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़ी पहलों की भी विस्तृत समीक्षा की।
चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि गठन को सामान्य सैन्य आवश्यकताओं के साथ-साथ आपात स्थितियों में भी प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाया जाए। साथ ही सेवारत कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए सहयोग तंत्र को लगातार मजबूत रखने पर भी विचार किया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने मजबूत रसद योजना, आधुनिक आधारभूत ढांचे और प्रभावी प्रशासनिक प्रणालियों के जरिए मुख्यालय की संचालन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बदलते सुरक्षा परिवेश में उच्च स्तर की तत्परता और अनुकूलनशीलता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान पूर्व सैनिकों तथा नागरिक प्रशासन के लिए समर्थन तंत्र को और बेहतर बनाने की आवश्यकता भी रेखांकित की। दौरे के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कुछ कर्मियों को मौके पर ही प्रशंसा-पत्र भी दिए गए।
सेना कमांडर ने सभी रैंकों के कर्मियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों पर निरंतर ध्यान की प्रशंसा की। उन्होंने उनकी पेशेवर उत्कृष्टता और गठन के उच्च मानकों को बनाए रखने में उनके योगदान को भी सराहा।
यह दौरा मुख्यालय महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा क्षेत्र की उच्च संचालन तैयारी को दोहराने वाला रहा। साथ ही इसने मिशन से जुड़ी आवश्यक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की उसकी क्षमता और भारतीय सेना की संचालन उत्कृष्टता, रसद मजबूती तथा जन-केंद्रित पहलों के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।