लाइटनेंट जनरल राजीव घई, उप प्रमुख रक्षा STAFF (स्ट्रेटेजी), ने कुमाऊं क्षेत्र का दौरा किया ताकि उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशनल तैयारियों और क्षमता विकास की समीक्षा की जा सके।
सीमा तैयारियों पर ध्यान
दौरे के दौरान, लाइट जनरल घई ने निम्नलिखित का आकलन किया:
- अग्रिम संरचनाओं की ऑपरेशनल तत्परता
- ऊँचाई वाले क्षेत्रों में क्षमता विकास
- संवेदनशील सीमा क्षेत्रों के साथ अवसंरचना और तैयारियाँ
उन्होंने क्षेत्र में तैनात पञ्चशूल ब्रिगेड की ऑपरेशनल दक्षता और लचीलापन को अपनी आंखों से देखा।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत
सेना के कमांडर ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत की, उनके समर्पण और व्यावसायिकता की सराहना की। उन्होंने निम्नलिखित यूनिटों की प्रशंसा की:
- कुमाऊं रेजिमेंट
- कुमाऊं स्काउट्स
- नागा रेजिमेंट
इन यूनिटों की अडिग चौकसी और राष्ट्र निर्माण एवं सीमा क्षेत्र विकास में उनके योगदान के लिए उनकी सराहना की।
सैनिक भावना की मान्यता
लाइट जनरल घई ने चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों में कार्य कर रहे सैनिकों की दृढ़ता और संकल्प को उजागर किया, और देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
ऑपरेशनल उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता
इस दौरे ने भारतीय सेना के ऊँचाई वाले तैयारियों, सैनिक कल्याण, और सीमा सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने की पुष्टि की।