लेफ्टिनेंट जनरल आर. सी. तिवारी, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न कमांड ने अग्निरथ ब्रिगेड में स्थापित एफपीवी (First Person View) ड्रोन नोड का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने ड्रोन निर्माण केंद्र का निरीक्षण किया और सैनिकों द्वारा किए जा रहे उन्नत सिमुलेशन तथा लाइव फ्लाइंग प्रदर्शनों को देखा।
एफपीवी ड्रोन नोड भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध तकनीक में बढ़त को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य स्वदेशी ड्रोन तकनीक का विकास, परिचालन दक्षता में सुधार और इकाई स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देना है। यह पहल ‘वर्ष ऑफ टेक्नोलॉजी एब्जॉर्प्शन’ की भावना के अनुरूप आत्मनिर्भरता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सेना के विज़न को साकार करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने ड्रोन निर्माण और संचालन में लगे जवानों की नवोन्मेषी सोच और उत्साह की सराहना की। उन्होंने सैनिकों को स्वदेशी तकनीकों के एकीकरण और उत्पादन से जुड़ी पहलों में निरंतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे सेना की तकनीकी क्षमता और परिचालन तैयारी को और मजबूती मिलेगी।
यह दौरा ईस्टर्न कमांड की नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।