शिमला, 15 अक्टूबर 2026: लेफ्टिनेंट जनरल श्रिनजय प्रताप सिंह, एवीएसएम, वाईएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी), आर्मी ट्रेनिंग कमान (एआरटीआरएसी), ने शिमला स्थित लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता से भेंट की।
यह बैठक पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़ी पहलों को मजबूत करने तथा नागरिक-सैन्य सहयोग को और सुदृढ़ करने पर केंद्रित रही।
दोनों के बीच संवाद के दौरान नागरिक-सैन्य समन्वय के महत्व पर चर्चा हुई। इसमें भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रों में निरंतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्र-निर्माण और जनसेवा में भारतीय सेना के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने नागरिक-सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के कल्याण से जुड़ी पहलों के प्रति अपने निरंतर समर्थन को भी दोहराया।
इस संवाद ने सशस्त्र बलों और राज्य प्रशासन के बीच लंबे समय से चले आ रहे साझेदारी संबंधों को भी रेखांकित किया, विशेषकर पूर्व सैनिकों की जरूरतों को पूरा करने और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के संदर्भ में।
शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमान (एआरटीआरएसी) भारतीय सेना की प्रशिक्षण पद्धतियों, व्यावसायिक सैन्य शिक्षा और संचालनात्मक तैयारियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल श्रिनजय प्रताप सिंह इस कमान के प्रयासों की निगरानी करते हैं, जिनका उद्देश्य प्रशिक्षण मानकों को बेहतर बनाना और बल को उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार करना है।