सेना प्रशिक्षण कमांड के अंतर्गत, मिलिटरी कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ने काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (C-UAS) और साइबर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एक्टिविटी (CEMA) पर एक सेमिनार का आयोजन किया।
एजेंसियों के बीच व्यापक भागीदारी
इस सेमिनार में निम्नलिखित संगठनों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया:
- Army War College
- Infantry School
- Military College of Telecommunication Engineering (MCTE)
- Madhya Pradesh Police
- Border Security Force
उभरते खतरों पर ध्यान
दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए थे जिनमें शामिल थे:
- Decoding the C-UAS Battlespace
- CEMA: Concepts, Current State and Road Ahead
इन सत्रों ने वैश्विक ड्रोन खतरे के परिदृश्य और आधुनिक युद्ध में साइबर-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रभुत्व के बढ़ते महत्व की जांच की।
संयुक्त दृष्टिकोण की आवश्यकता
Lieutenant General Praveen Bakshi, MCTE के कमांडेंट, ने उभरते खतरों की व्यापक प्रकृति को देखते हुए निम्नलिखित की आवश्यकता पर जोर दिया:
- Greater inter-agency synergy
- Information sharing
- A pan-India coordinated approach
भविष्य के युद्ध के लिए रोडमैप
सेमिनार ने निम्नलिखित को उजागर किया:
- Integrated Counter-UAS strategies
- Electronic Warfare and Cyber Operations
- AI-enabled defence solutions
यह भारत की स्वदेशी क्षमताओं, नवाचार, और भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए तैयारियों को बढ़ाने के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।
तकनीकी बढ़त को मजबूत करना
यह पहल भारतीय सेना के तकनीकी-आधारित युद्ध, नवाचार, और मल्टी-डोमेन संचालन की तत्परता पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाती है।