जूनियर लीडर्स अकादमी, बरेली में आयोजित संभावित सूबेदार मेजर कोर्स 2 सितंबर 2026 को सम्पन्न हुआ। इस कोर्स में भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य भाग लेने वाले संगठनों के सूबेदार मेजर, समकक्ष रैंक और संभावित सूबेदार मेजर शामिल हुए।
इस प्रशिक्षण में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, असम राइफल्स और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के कार्मिकों ने एक साथ भाग लिया। इससे जूनियर नेताओं के लिए एक साझा प्रशिक्षण वातावरण बना, जो अलग-अलग सेवाओं और संरचनाओं से आए थे।
कोर्स का उद्देश्य वरिष्ठ जूनियर-नेता पदों से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए कार्मिकों को तैयार करना था। इसमें नेतृत्व, व्यावसायिक दक्षता और इकाई तथा गठन स्तर पर प्रभावी योगदान देने की क्षमता पर विशेष जोर दिया गया।
जूनियर लीडर्स अकादमी, बरेली, जूनियर नेताओं में नेतृत्व गुण विकसित करने और उन्हें बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहां आयोजित पाठ्यक्रम अनुभव, व्यावसायिक ज्ञान और नेतृत्व गुणों को और विकसित करने का संरचित वातावरण प्रदान करते हैं।
भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के साथ असम राइफल्स और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स की भागीदारी ने इस संभावित सूबेदार मेजर कोर्स को महत्वपूर्ण अंतर-सेवा आयाम दिया। ऐसी प्रशिक्षण सहभागिता परस्पर समझ और पेशेवर परिचय को मजबूत कर सकती है।
कोर्स के समापन पर ब्रिगेडियर गौरव कपूर, कमांडेंट, जूनियर लीडर्स अकादमी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से बातचीत की और नेतृत्व तथा व्यावसायिक प्रतिबद्धता के महत्व पर बल दिया।
समापन समारोह में कोर्स के दौरान व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी मान्यता दी गई। ब्रिगेडियर गौरव कपूर ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया और प्रशिक्षण में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों की उपलब्धियों की सराहना की।
आर्मर्ड कोर के रिसालदार मेजर विजय शंकर को कोर्स का समग्र सर्वश्रेष्ठ छात्र घोषित किया गया। उनका चयन प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनके प्रदर्शन को दर्शाता है।
सूबेदार मेजर और समकक्ष वरिष्ठ जूनियर नेताओं की भूमिका इकाई स्तर पर कमांडरों और सैनिकों के बीच संबंध बनाए रखने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। वे व्यापक क्षेत्रीय अनुभव लाते हैं और अनुशासन, कल्याण, प्रशिक्षण तथा इकाइयों के प्रभावी संचालन में योगदान देते हैं।
सेवारत सूबेदार मेजरों और समकक्ष कार्मिकों के साथ संभावित सूबेदार मेजरों की भागीदारी भविष्य के वरिष्ठ जूनियर नेताओं को विकसित करने के लिए एक संरचित मार्ग भी प्रदान करती है। ऐसे कोर्स पद और नियुक्ति में आगे बढ़ने के साथ जुड़ी विस्तारित जिम्मेदारियों के लिए तैयारी में मदद करते हैं।
इस कोर्स की अंतर-सेवा संरचना भारत की रक्षा सेनाओं में संयुक्तता और एकीकृत कार्यप्रणाली पर बढ़ते जोर को भी दर्शाती है। आधुनिक सैन्य अभियानों में विभिन्न क्षेत्रों और सेवाओं की क्षमताओं के समन्वित उपयोग की जरूरत बढ़ रही है, ऐसे में अलग-अलग स्तरों पर कार्मिकों के बीच परिचय और समझ विकसित करना महत्वपूर्ण बना हुआ है।
जूनियर लीडर्स अकादमी, बरेली में संभावित सूबेदार मेजर कोर्स का सफल समापन भाग लेने वाले संगठनों में नेतृत्व विकास की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। सेना, नौसेना, वायु सेना, असम राइफल्स और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के कार्मिकों का संयुक्त प्रशिक्षण व्यावसायिक संवाद और साझा सीख के महत्व को रेखांकित करता है।
2 सितंबर को कोर्स के समाप्त होने के बाद प्रतिभागी अपने-अपने संगठनों में प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावसायिक ज्ञान, नेतृत्व अनुभव और अंतर-सेवा समझ को आगे लेकर जाएंगे। यह कार्यक्रम आत्मविश्वासी, सक्षम और मिशन-उन्मुख जूनियर नेताओं को विकसित करने के व्यापक उद्देश्य को मजबूत करता है।