रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 18 अगस्त, 2026 को सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का दौरा किया और संस्थान के नए बालिका छात्रावास ‘बचेंद्री’ का उद्घाटन किया। यह कदम छात्राओं के लिए आवासीय ढांचे को मजबूत करने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा राज्य मंत्री का स्वागत प्राचार्य ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, उप प्राचार्य कमांडर अर्चना चौधरी और प्रशासनिक अधिकारी मेजर अजय सिंह पवार ने किया। दौरे के दौरान उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की और कैडेटों ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
‘बचेंद्री’ बालिका छात्रावास का उद्घाटन इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा। यह नई सुविधा छात्राओं के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था देने और सैन्य-उन्मुख शिक्षा तथा प्रशिक्षण में उनकी बढ़ती भागीदारी को समर्थन देने के लिए तैयार की गई है।
उद्घाटन के बाद संजय सेठ ने कैडेटों से बातचीत की और कैडेट्स मेस में उनके साथ समूह चित्र खिंचवाया तथा भोजन भी किया। इस अनौपचारिक संवाद के दौरान युवा कैडेटों को अपने अनुभव साझा करने और रक्षा राज्य मंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिला।
कैडेटों को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षाओं में सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के उत्कृष्ट परिणामों पर बधाई दी। उन्होंने स्कूल के ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, चरित्र निर्माण तथा नेतृत्व विकास पर उसके निरंतर ध्यान की सराहना भी की।
रक्षा राज्य मंत्री ने नए बालिका छात्रावास को महिला सशक्तिकरण और समान अवसरों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्घाटन संस्थान के लिए एक नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने कैडेटों को प्रामाणिक स्रोतों को पढ़कर भारत के इतिहास की गहरी समझ विकसित करने और अपने आसपास हो रहे घटनाक्रमों से अवगत रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने उनसे समर्पण, जिम्मेदारी और स्पष्ट उद्देश्य के साथ राष्ट्र सेवा के लिए स्वयं को तैयार करने का आग्रह किया।
इस दौरे ने छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय सेवा और रक्षा से जुड़े अवसरों में युवतियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर सरकार के निरंतर जोर को रेखांकित किया।
‘बचेंद्री’ का उद्घाटन सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के उस प्रयास में एक और उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व विकास और राष्ट्र सेवा की तैयारी को साथ लेकर समावेशी वातावरण तैयार किया जा रहा है।