हैदराबाद, 14 अक्टूबर 2026: सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड के साथ 155 मिमी तोपखाना कोर्स-करेक्शन फ्यूजों के एकीकरण, स्वदेशी निर्माण और आपूर्ति के लिए एक विशेष समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता संबंधित घटकों, उप-प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों पर भी लागू होगा।
यह सहयोग सटीक-निर्देशित तोपखाना गोला-बारूद के लिए अगली पीढ़ी की स्वदेशी क्षमताएं विकसित करने और प्रौद्योगिकी विकास, एकीकरण तथा स्थानीयकरण के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों की चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समर्थन देने के उद्देश्य से किया गया है। यह सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
कोर्स-करेक्शन प्रौद्योगिकी तोपखाना प्रक्षेपास्त्रों को उड़ान के दौरान मार्ग में समायोजन करने में सक्षम बनाती है, जिससे सटीकता और संचालनात्मक प्रभावशीलता बढ़ती है। इस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता विकसित होने से भारत के रक्षा प्रौद्योगिकी तंत्र को मजबूती मिलने और आयातित समाधानों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
समझौता ज्ञापन के तहत सिग्मा भारत में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अर्हता, स्थानीय निर्माण और उन्नत कोर्स-करेक्शन समाधानों के एकीकरण में सहायता करेगा। यह कार्यक्रम कोर्स करेक्शन गाइडेंस किट का उपयोग करेगा, जिसे कंपनी ने एक परिपक्व समाधान बताया है और जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के उपयोग में है।
सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनिल कालिदिंदी ने कहा कि म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड के साथ यह सहयोग भारत में स्वदेशी सटीक-निर्देशित तोपखाना क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, सिद्ध कोर्स-करेक्शन गाइडेंस प्रौद्योगिकी, एमआईएल की स्थापित गोला-बारूद निर्माण क्षमता और सिग्मा की अभियांत्रिकी तथा कार्यक्रम निष्पादन शक्ति मिलकर रक्षा के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में घरेलू क्षमता विकसित करने में मदद करेंगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीयकरण से आगे बढ़कर एक मजबूत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण तंत्र विकसित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप बताया और कहा कि यह सहयोग भारतीय सशस्त्र बलों की उभरती जरूरतों में योगदान देने के साथ भारत को उन्नत रक्षा विनिर्माण के केंद्र के रूप में मजबूत करेगा।
यह साझेदारी सिग्मा की भारतीय अभियांत्रिकी और कार्यक्रम निष्पादन क्षमता तथा स्वदेशी विकसित प्रौद्योगिकी को एमआईएल के स्थापित गोला-बारूद निर्माण ढांचे के साथ जोड़ती है। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के कोर्स-करेक्शन समाधानों के लिए एक घरेलू औद्योगिक और अभियांत्रिक ढांचा तैयार करना है, जिसमें स्वदेशी सामग्री, तकनीकी विशेषज्ञता और निर्माण क्षमता को क्रमिक रूप से बढ़ाने की संभावनाएं होंगी।
यह पहल सिग्मा को रक्षा मूल्य श्रृंखला में और ऊपर ले जाने का भी प्रयास है, ताकि वह सटीक अभियांत्रिकी और उप-प्रणाली निर्माण से आगे बढ़कर उन्नत रक्षा प्रणालियों के विकास और एकीकरण की दिशा में काम कर सके।
सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध एक भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा सटीक अभियांत्रिकी कंपनी है। यह एयरोस्पेस, एवियोनिक्स, नौसैनिक प्रणालियों, राडार और संचार से जुड़े मिशन-क्रिटिकल सिस्टम्स का डिजाइन, विकास और निर्माण करती है।
अपनी ब्रिटेन स्थित सहायक कंपनियों नैसमिथ और ब्रॉमफोर्ड के माध्यम से कंपनी का वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति शृंखला में भी स्थापित स्थान है। पुणे मुख्यालय वाली म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में से एक है और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए गोला-बारूद, विस्फोटक और संबंधित रक्षा उत्पादों का निर्माण करती है।
यह समझौता ज्ञापन सटीक-निर्देशित तोपखाना गोला-बारूद के लिए देश की घरेलू क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भारत की रक्षा व्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।