सर्जन वाइस एडमिरल विवेक हांडे, महानिदेशक (संगठन एवं कार्मिक), सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं, कार्यालय महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं, ने 6 से 7 अगस्त 2026 तक पुणे का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख सैन्य स्वास्थ्य संस्थानों की समीक्षा की और कार्मिक प्रबंधन, चिकित्सा प्रशासन तथा संगठनात्मक विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से बातचीत की।
दो दिवसीय दौरे के दौरान सर्जन वाइस एडमिरल हांडे ने मुख्यालय दक्षिणी कमान में अधिकारियों से मुलाकात की और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के कामकाज की समीक्षा की। इनमें सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय, कमांड अस्पताल (दक्षिणी कमान) और कृत्रिम अंग केंद्र शामिल थे।
चिकित्सा संस्थानों में वरिष्ठ अधिकारी ने स्वास्थ्य अवसंरचना, चिकित्सा सेवाओं और उन चल रही पहलों का आकलन किया, जिनका उद्देश्य रोगी देखभाल, चिकित्सा शिक्षा और पुनर्वास को बेहतर बनाना है। समीक्षा का ध्यान इस बात पर रहा कि ये संस्थान नैदानिक उत्कृष्टता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए सेवा में कार्यरत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करते रहें।
इस दौरे ने सैन्य चिकित्सा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और चिकित्सा अनुसंधान में इन संस्थानों की भूमिका का मूल्यांकन करने का अवसर भी दिया। दौरे के दौरान समीक्षा किए गए प्रमुख संस्थानों में कृत्रिम अंग केंद्र भी शामिल था, जो सशस्त्र बल कर्मियों के लिए देश के प्रमुख पुनर्वास केंद्रों में से एक है। इससे सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं का घायल सेवा कर्मियों के लिए व्यापक पुनर्वास और दीर्घकालिक देखभाल पर निरंतर जोर भी सामने आया।
कार्यक्रम के तहत सर्जन वाइस एडमिरल विवेक हांडे ने अधिकारियों को मानव संसाधन नीतियों और कार्यालय महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं की ओर से हाल में उठाए गए कदमों पर व्याख्यान भी दिए। इन सत्रों में कार्मिक प्रबंधन, करियर विकास, संगठनात्मक सुधार और सशस्त्र बलों में कार्यरत चिकित्सा पेशेवरों के समग्र कल्याण को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
इन संवादात्मक व्याख्यानों ने अधिकारियों को बदलती मानव संसाधन नीतियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में कुशल कार्मिक प्रशासन के महत्व को रेखांकित किया। चर्चाओं में पेशेवर उत्कृष्टता, नेतृत्व विकास और तीनों सेवाओं में चिकित्सा कर्मियों के लिए सहायक वातावरण बनाने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए सर्जन वाइस एडमिरल हांडे ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा देने तथा सैन्य चिकित्सा शिक्षा, कार्मिक कल्याण और संगठनात्मक दक्षता को लगातार मजबूत करने की सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को बनाए रखने के लिए एक उच्च प्रशिक्षित, प्रेरित और पेशेवर रूप से सक्षम चिकित्सा बल आवश्यक है।
यह दौरा निरंतर संस्थागत विकास, चिकित्सा शिक्षा में निवेश और प्रभावी कार्मिक प्रबंधन के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के ध्यान को फिर से पुष्ट करता है। साथ ही, यह संगठन की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जिसके तहत वह अपने चिकित्सा कर्मियों के कल्याण और पेशेवर विकास को सुनिश्चित करते हुए सशस्त्र बलों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सहायता प्रदान करना चाहता है।