उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊं को एक प्रशंसा पत्र देकर उसके उत्कृष्ट और समर्पित योगदान की सराहना की है। यह सम्मान कुमाऊं क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़ी पहलों के लिए दिया गया है।
यह प्रशंसा 130 इको टास्क फोर्स के निरंतर कार्य को मान्यता देती है, जो कुमाऊं के दूरस्थ और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील वन क्षेत्रों में काम कर रही है। पत्र के अनुसार, इस इकाई ने वृक्षारोपण, वन्यजीव संरक्षण, पारिस्थितिकी विकास, चारागाह विकास, मिट्टी और जल संरक्षण तथा प्लास्टिक मुक्त अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इकाई ने क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाने और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए कई पहल की हैं। इन गतिविधियों से जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के पुनर्जीवन में मदद मिली है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी बढ़ी है।
जनभागीदारी इस इकाई के पर्यावरणीय कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। टास्क फोर्स ने जागरूकता कार्यक्रम और स्कूलों में पहलें आयोजित कर युवा पीढ़ी को जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया है।
इकाई ने स्वच्छता अभियानों और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए भी काम किया है। इन पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को स्थानीय समुदायों की रोजमर्रा की जरूरतों से जोड़ा है, खासकर उन दूरस्थ इलाकों में जहां प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और उनका टिकाऊ उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री के पत्र में 130 इको टास्क फोर्स की सामाजिक कल्याण और राष्ट्र निर्माण में भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। इकाई ने आपदाओं के दौरान त्वरित सहायता प्रदान की है और कठिन परिस्थितियों में समुदायों का साथ दिया है, जिससे उसका योगदान पर्यावरण संरक्षण से आगे भी दिखाई देता है।
पुष्कर सिंह धामी ने 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊं के अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके समर्पित प्रयासों ने कुमाऊं क्षेत्र में प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में स्पष्ट और दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पैदा किया है।
प्रशंसा पत्र में इस इकाई के कार्य को एक प्रेरक उदाहरण बताया गया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और राष्ट्रीय सेवा को एक साथ जोड़ा गया है। इसके प्रयास हरियाली, जैव विविधता और पारिस्थितिकीय मजबूती को बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊं आगे भी उसी उत्साह और समर्पण के साथ अपने पर्यावरणीय अभियानों को जारी रखेगी और उत्तराखंड को स्वच्छ, हरा-भरा और समृद्ध बनाने में और अधिक योगदान देगी।
उन्होंने अपने पत्र में बटालियन के भविष्य के कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं और उसके उत्कृष्ट कार्य के लिए एक बार फिर आभार व्यक्त किया। यह सम्मान प्रादेशिक सेना की पारिस्थितिक इकाइयों के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है, जो सैन्य अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती हैं।