सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर के अधीन एक राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर मुख्यालय का दौरा किया और आतंकवाद-रोधी अभियानों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ को मौजूदा सुरक्षा स्थिति और आतंकवादी खतरों का पता लगाने, उन्हें रोकने तथा निर्णायक ढंग से जवाब देने के लिए लागू उपायों की जानकारी दी गई। इस ब्रीफिंग में आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए बनी हुई परिचालन तैयारियों और उभरते खतरों से निपटने के उपायों को शामिल किया गया।
सेना प्रमुख ने सभी रैंकों की पेशेवर क्षमता, समर्पण और उच्च परिचालन तैयारी मानकों की सराहना की। उन्होंने कर्मियों से निरंतर सतर्क रहने और खुफिया-आधारित अभियानों को और धारदार बनाने की अपील की, ताकि उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
जनरल धीरज सेठ ने तेजी और सटीकता से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति से निपटते हुए लगातार परिचालन फोकस और तैयारियों को बनाए रखने की जरूरत पर भी बल दिया।
सेना प्रमुख ने सभी संबंधित पक्षों के साथ सहज तालमेल और घनिष्ठ समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समन्वय से स्थिति की बेहतर समझ विकसित होती है और आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया को मजबूती मिलती है।
मुलाकात के दौरान उन्होंने खतरे से एक कदम आगे रहने और निरंतर परिचालन फोकस बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों की सुरक्षा और सलामती को सुनिश्चित करते हुए समन्वित और संतुलित प्रतिक्रिया की बात कही।
योग्य सैनिकों को उनकी वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनके साहस और योगदान को मान्यता देने के लिए दिया गया।
राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर मुख्यालय में सेना प्रमुख की यह बातचीत उच्च परिचालन तैयारियों को बनाए रखने और आतंकवादी खतरों का सामना करने के लिए बलों को तैयार रखने पर केंद्रित रही।
उन्होंने एक बार फिर निरंतर सतर्कता और खुफिया-आधारित अभियानों के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, तेज और सटीक प्रतिक्रिया को आतंकवाद-रोधी अभियानों का अहम हिस्सा बताया।
सभी संबंधित पक्षों के साथ सहज तालमेल और घनिष्ठ समन्वय पर दिया गया जोर स्थिति की समझ को मजबूत करने और समग्र आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से था। सेना प्रमुख ने समन्वय को सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण तत्व बताया।
दौरान सम्मानित किए गए सैनिकों की वीरता और उत्कृष्ट सेवा को भी सराहा गया। उनकी बहादुरी और योगदान को सेना प्रमुख की इस यात्रा के दौरान स्वीकार किया गया।
जनरल धीरज सेठ ने आगे भी परिचालन फोकस बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए खतरों के प्रति समन्वित, संतुलित प्रतिक्रिया देने पर जोर दिया।
यह दौरा आतंकवाद का मुकाबला करने, तालमेल मजबूत करने, लोगों की रक्षा करने और जे ए आई से विजय मिशन की भावना के तहत सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर भारतीय सेना के घोषित फोकस को रेखांकित करता है।
चिनार कोर के अधीन राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर मुख्यालय में परिचालन तैयारियों की सेना प्रमुख की समीक्षा ने आतंकवाद-रोधी अभियानों में सतर्कता, खुफिया-आधारित संचालन, परिचालन तत्परता और समन्वय के महत्व को उजागर किया।