भारतीय सेना ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत कश्मीर की 20 छात्राओं के लिए पुणे स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का क्षमता निर्माण और शैक्षिक दौरा आयोजित किया। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को देश की प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक के वातावरण को करीब से समझने का अवसर मिला।
इस दौरे का उद्देश्य युवतियों को सशक्त बनाना, उनका दृष्टिकोण व्यापक करना और उन्हें सशस्त्र बलों तथा अन्य नेतृत्व-आधारित करियर विकल्पों की ओर प्रेरित करना था। अकादमी में छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला कैडेटों और सशस्त्र बलों की महिला अधिकारियों से बातचीत की।
इन बातचीतों के दौरान छात्राओं को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व और एक अधिकारी बनने की यात्रा के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिली। महिला कैडेटों की मौजूदगी ने उन्हें यह समझने में मदद की कि भारत के सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
अकादमी के दौरे ने छात्राओं को उस माहौल और परंपराओं से भी परिचित कराया, जहां भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के कैडेट संयुक्त प्रशिक्षण लेते हैं और बाद में अपनी-अपनी सेवा अकादमियों में आगे बढ़ते हैं।
भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के तहत किए जाने वाले ऐसे भ्रमण कार्यक्रम दूरदराज क्षेत्रों के समुदायों की सहायता पर केंद्रित व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। इनमें शिक्षा, युवा विकास, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण से जुड़ी पहल शामिल हैं।
कश्मीर की इन 20 छात्राओं के लिए यह यात्रा उनके सामान्य शैक्षणिक माहौल से बाहर निकलकर सशस्त्र बलों में करियर चुन चुकी महिलाओं से मिलने का अवसर भी बनी। इस अनुभव के जरिए भारतीय सेना ने उनमें आत्मविश्वास, महत्वाकांक्षा और नेतृत्व गुणों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया।