कश्मीर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ पांच दिन का परिचयात्मक प्रशिक्षण पूरा करने वाले 21 आईपीएस अधिकारी प्रशिक्षुओं को आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव मिला। 78वें नियमित भर्ती बैच के दूसरे बैच के इन प्रशिक्षुओं का कार्यक्रम रविवार, 8 नवंबर 2026 को संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा में मिली जानकारी को मैदानी अनुभव से जोड़ना था। प्रशिक्षुओं को कश्मीर घाटी के सुरक्षा माहौल और वहां तैनात बलों की जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया। उन्हें छोटे समूहों में बांटकर सीआरपीएफ की अलग-अलग कंपनियों के साथ जोड़ा गया, जहां उन्होंने आतंकवाद-रोधी और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कामकाज को करीब से देखा।

मैदानी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं ने घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO), सामरिक ऑपरेशन बेस (TOB) की कार्यप्रणाली और रोजमर्रा की परिचालन गतिविधियों के बारे में जाना। उन्हें उच्च सुरक्षा चुनौती वाले क्षेत्रों में बलों के प्रशासनिक, सामरिक और परिचालन ढांचे से भी परिचित कराया गया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन आधुनिक आतंकवाद-रोधी अभियानों पर विशेष सामरिक जानकारी दी गई और प्रदर्शन किए गए। इनमें कमरे के भीतर कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन भी शामिल था, जिससे प्रशिक्षुओं को नजदीकी सुरक्षा अभियानों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी मिली।
प्रशिक्षुओं ने वॉर रूम, सोशल मीडिया सेल और मददगार सेल का दौरा किया। यहां उन्हें परिचालन समन्वय, सूचना पर नजर रखने और जनता को सहायता देने की व्यवस्थाओं के बारे में बताया गया। विशेष हथियारों और आधुनिक परिचालन उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया।

पांच दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर संवादात्मक फीडबैक और समीक्षा सत्र हुआ। प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए और मैदानी प्रशिक्षण से मिले सबक पर चर्चा की।