अहमदाबाद में सीमा सुरक्षा बल के एक सहायक उप-निरीक्षक को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब उस पर आरोप लगा कि उसने पैतृक मकान के बंटवारे को लेकर हुई पारिवारिक बैठक के दौरान गोली चला दी। इस घटना में उसके चचेरे भाई के जांघ में चोट आई।
पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार को करीब 1 बजे वासत्राल-रामोल इलाके में तक्शशिला क्रॉस रोड के पास हुई। प्रजापति परिवार के रिश्तेदार पुराने परिवारिक मकान को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान बहस बढ़ गई और 46 वर्षीय प्रमोद राम प्रसाद शिव दयाल प्रजापति ने, जो सीमा सुरक्षा बल में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर तैनात हैं, कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर गोली चला दी।
गोली 54 वर्षीय राजेशभाई हरिशंकरभाई प्रजापति को लगी, जो सेवानिवृत्त सेना कर्मी और आरोपी के चचेरे भाई हैं। गोली उनकी जांघ में लगी। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस और अस्पताल के अनुसार उनकी हालत गंभीर नहीं थी और उनका उपचार चल रहा था। वहां मौजूद अन्य किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
रामोल पुलिस के मुताबिक प्रमोद, पवन और आशीष प्रजापति नामक तीन भाई, अन्य रिश्तेदारों के साथ, जिनमें चचेरे भाई और आशीष के ससुराल पक्ष के सदस्य भी शामिल थे, समझौते के लिए जुटे थे। प्रमोद और पवन दोनों सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हैं। बताया गया कि संपत्ति विवाद कई महीनों से चला आ रहा था। बातचीत तीखी नोकझोंक में बदल गई, जिसके बाद कथित गोलीबारी हुई। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि लाइसेंसी पिस्तौल या 12 बोर के हथियार से दो राउंड फायर किए गए।
गोली चलने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सेक्टर-2 के संयुक्त पुलिस आयुक्त जपैलसिंह राठौड़ सहित वरिष्ठ अधिकारी और रामोल पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रमोद प्रजापति को हिरासत में ले लिया और घटना में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया। बैठक में मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई।
रामोल पुलिस निरीक्षक वी.डी. मोरी ने पुष्टि की कि आरोपी और हथियार को कब्जे में ले लिया गया है तथा राजेश प्रजापति को जांघ में गोली लगने के बाद अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। ताजा रिपोर्टों तक कानूनी कार्रवाई जारी थी।
मामले की जांच जारी है। पुलिस गवाहों के बयानों और उन घटनाक्रमों की पड़ताल कर रही है, जिनके चलते पारिवारिक सुलह बैठक हिंसक हो गई।