सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 25 सितंबर को चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और नियंत्रण रेखा के沿्ग ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा की।
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ को नियंत्रण रेखा के沿्ग मजबूत सुरक्षा स्थिति बनाए रखने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी गई। उन्हें उन मौजूदा पहलों के बारे में भी अवगत कराया गया, जिनका उद्देश्य ऑपरेशनल क्षमताओं को और मजबूत करना है।
सेना प्रमुख ने चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों में बनाए रखी जा रही ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा की। इस दौरे ने सुरक्षा स्थिति और क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का आकलन करने का अवसर भी दिया।
जनरल धीरज सेठ ने सभी रैंकों की पेशेवर दक्षता, समर्पण और अटूट तत्परता की सराहना की। उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए कर्मियों की प्रशंसा की।
कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने सभी रैंकों से “विजय” के पांच मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने इन सिद्धांतों को उद्देश्यपूर्ण नवाचार, त्वरित अनुकूलन, दृढ़ संकल्प के साथ क्षमता निर्माण और चुनौतियों के उभरने से पहले उनका अनुमान लगाने की पुकार बताया।
सेना प्रमुख ने इन मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाकर एक कदम आगे बने रहने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कर्मियों से बदलती चुनौतियों के अनुरूप ढलने, क्षमताओं को मजबूत करने और उभरती चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।
बातचीत का एक महत्वपूर्ण पहलू नवाचार पर भी केंद्रित रहा। जनरल धीरज सेठ ने सभी रैंकों से उद्देश्यपूर्ण नवाचार करने और “विजय” के सिद्धांतों को विकसित होती ऑपरेशनल आवश्यकताओं के लिए तैयार रहने का आधार बनाने का आह्वान किया।
सेना प्रमुख ने तेजी से अनुकूलन की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कर्मियों से बदलती चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बने रहने और नियंत्रण रेखा के沿्ग अभियानों के लिए आवश्यक तत्परता बनाए रखने को कहा।
बातचीत के दौरान क्षमता निर्माण को भी महत्वपूर्ण बताया गया। जनरल धीरज सेठ ने सभी रैंकों से दृढ़ संकल्प के साथ क्षमता बढ़ाने और ऑपरेशनल तैयारी को लगातार मजबूत करने का आह्वान किया।
सेना प्रमुख ने आगे आने वाली चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस जोर को आगे बने रहने और निरंतर ऑपरेशनल तैयारी सुनिश्चित करने की जरूरत से जोड़ा गया।
25 सितंबर को चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों के दौरे ने नियंत्रण रेखा के沿्ग मजबूत सुरक्षा स्थिति बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया। जनरल धीरज सेठ ने मौजूद उपायों और ऑपरेशनल क्षमताओं को मजबूत करने वाली जारी पहलों की समीक्षा की।
जनरल धीरज सेठ ने सभी रैंकों की पेशेवर दक्षता और समर्पण की सराहना करते हुए उनकी अटूट तत्परता की प्रशंसा की। उन्होंने कर्मियों से नवाचार को अपनाते हुए और उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप ढलते हुए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने को कहा।
सेना प्रमुख की यह बातचीत भविष्य के लिए तैयार और मिशन के लिए तैयार रहने के महत्व को भी दर्शाती रही। “विजय” के मार्गदर्शक सिद्धांतों को उद्देश्यपूर्ण नवाचार, त्वरित अनुकूलन, दृढ़ संकल्प के साथ क्षमता निर्माण और चुनौतियों के उभरने से पहले उनका अनुमान लगाने की पुकार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यह दौरा चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों और नियंत्रण रेखा के沿्ग ऑपरेशनल तैयारी पर दिए जा रहे जोर को और मजबूत करता है। जनरल धीरज सेठ की कर्मियों के साथ बातचीत का केंद्र तत्परता बनाए रखना, क्षमताओं को मजबूत करना और भारतीय सेना को लचीला, भविष्य के लिए तैयार और मिशन के लिए तैयार बनाए रखना रहा।