लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम, सेना कमांडर, दक्षिणी कमान ने नागपुर मिलिट्री स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परिचालन तत्परता, रसद तैयारी, प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना के विकास और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं को मजबूत करने की समीक्षा की।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने मिलिट्री स्टेशन की परिचालन तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया। यह मुलाकात रसद तैयारी, प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना के विकास और भविष्य-तैयार क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों पर केंद्रित रही।
मुख्यालय उत्तर महाराष्ट्र एवं गुजरात उप क्षेत्र में सेना कमांडर को परिचालन प्रभावशीलता, स्टेशन प्रशासन और संगठनात्मक पहलों की जानकारी दी गई। इस प्रस्तुतीकरण में गठन के कामकाज और क्षेत्र में चल रही पहलों का संक्षिप्त विवरण दिया गया।
अपने दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने सभी रैंकों के कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना की और जिम्मेदारियों के निर्वहन में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
सेना कमांडर ने सभी रैंकों को व्यावसायिकता और परिचालन प्रभावशीलता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उनकी बातचीत में परिचालन तत्परता और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया गया।
दौरे में नागपुर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ भी एक मुलाकात शामिल रही। इस बातचीत में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने और स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने में उद्योग की भूमिका को रेखांकित किया गया।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ हुई चर्चा में रक्षा उद्योग के योगदान को भी सामने रखा गया, जो परिचालन तत्परता बढ़ाने से जुड़ा है। इस मुलाकात ने सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं को समर्थन देने में स्वदेशी रक्षा निर्माण के महत्व को भी उजागर किया।
नागपुर मिलिट्री स्टेशन का दौरा और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ हुई बातचीत ने सैन्य तैयारी और स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता-वृद्धि में भूमिका, दोनों पक्षों को शामिल किया। रसद, प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं पर ध्यान के साथ रक्षा उद्योग से संवाद भी इस समीक्षा का हिस्सा रहा।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर की यह यात्रा परिचालन तत्परता बनाए रखने के साथ-साथ रसद तैयारी, प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना और भविष्य-तैयार क्षमताओं को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित करती है। कर्मियों के साथ उनकी बातचीत ने व्यावसायिकता और परिचालन प्रभावशीलता पर दिए गए जोर को भी स्पष्ट किया।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ हुई यह मुलाकात रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने और परिचालन तत्परता में योगदान देने में स्वदेशी रक्षा निर्माण की भूमिका को और अधिक रेखांकित करती है।