उच्च ऊंचाई युद्ध विद्यालय (एचएडब्ल्यूएस) ने 28 और 29 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड, कनाडा और पेरू के रक्षा अताशे की मेजबानी की। यह मुलाकात पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण, परिचालन भूमिकाओं और भविष्य में सहयोग को लेकर केंद्रित रही।
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल को उच्च ऊंचाई युद्ध विद्यालय के इतिहास, इसकी परिचालन भूमिका और प्रशिक्षण पद्धति के बारे में जानकारी दी गई। इस ब्रीफिंग में संस्था के कामकाज और उच्च ऊंचाई तथा पर्वतीय युद्ध के लिए उसके प्रशिक्षण दृष्टिकोण का परिचय दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने सैन्य रॉक क्राफ्ट का प्रदर्शन भी देखा। इस प्रदर्शन से उन्हें पर्वतीय इलाके में सैन्य अभियानों से जुड़ी तकनीकों और क्षमताओं की जानकारी मिली।
यात्रा के दौरान आधुनिक पर्वतीय युद्ध क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए उपकरणों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इससे रक्षा अताशे को पर्वतीय युद्ध से जुड़े उपकरणों और क्षमताओं को समझने का अवसर मिला।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में पर्वतीय और शीतकालीन युद्ध में भविष्य के सहयोग के रास्तों पर भी चर्चा हुई। बातचीत का उद्देश्य इन विशेष क्षेत्रों में भागीदार देशों के बीच आगे सहयोग की संभावनाओं की पहचान करना था।
इस मुलाकात में न्यूजीलैंड, कनाडा और पेरू के रक्षा अताशे और उच्च ऊंचाई युद्ध विद्यालय के कर्मियों के बीच पर्वतीय और शीतकालीन युद्ध पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिला।
इस संवाद ने उच्च ऊंचाई वाले वातावरण में प्रशिक्षण और परिचालन तैयारी में एचएडब्ल्यूएस की भूमिका को रेखांकित किया। ब्रीफिंग, सैन्य रॉक क्राफ्ट प्रदर्शन और उपकरण प्रदर्शनी ने मिलकर प्रतिनिधिमंडल को विद्यालय के इतिहास, परिचालन दायित्वों, प्रशिक्षण पद्धति और समकालीन पर्वतीय युद्ध क्षमताओं का समग्र परिचय दिया।
पर्वतीय और शीतकालीन युद्ध में भविष्य के सहयोग पर हुई चर्चा ने इस यात्रा को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी दिया। संबंधित पक्षों ने इन विशेष क्षेत्रों में आगे निरंतर संपर्क के अवसरों पर विचार किया।
28 और 29 सितंबर 2026 को चली यह यात्रा दो दिन की बातचीत के बाद संपन्न हुई, जिसमें रक्षा अताशे को एचएडब्ल्यूएस का अवलोकन मिला और पर्वतीय तथा शीतकालीन युद्ध में भविष्य के सहयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई।