लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा, अति विशिष्ट सेवा पदक, ने 1 अक्टूबर 2026 को मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला। इसके साथ ही उन्होंने सूर्य कमान के नेतृत्व की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से अपने हाथ में ली।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने लखनऊ सैन्य स्टेशन स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक पर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया।
सेना कमांडर ने मध्य कमान में उच्चतम परिचालन तैयारियों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने थिएटर के भीतर रणनीतिक त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और बहु-क्षेत्रीय क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने सूर्य कमान के सभी रैंकों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने कमान की शक्ति और भावना में उनके निरंतर योगदान को स्वीकार करते हुए उनके कल्याण, मनोबल और पेशेवर विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उन्होंने कमान में उत्कृष्टता की निरंतर खोज का आह्वान किया और उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने पर बल दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को 10 जून 1989 को भारतीय सैन्य अकादमी से ग्रेनेडियर्स में कमीशन मिला था। तीन दशकों से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई कमान और स्टाफ नियुक्तियों में सेवाएं दी हैं।
उन्होंने उत्तरी जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक पैदल सेना बटालियन, पैदल सेना ब्रिगेड और पैदल सेना डिवीजन की कमान संभाली है। उनके प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों में बेलगाम स्थित कमांडो स्कूल में प्रशिक्षक और वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवाएं स्टाफ कॉलेज में मुख्य प्रशिक्षक (सेना) के रूप में सेवा शामिल रही है।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड में स्क्वाड्रन कमांडर और सेना युद्ध महाविद्यालय की अध्ययन संकाय में कर्नल जनरल स्टाफ के रूप में भी कार्य किया है।
2023 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने 9 जून 2023 को प्रथम कोर की कमान संभाली थी। 17 जून 2025 को उन्होंने यह कमान छोड़ी और उसके बाद सेना मुख्यालय में महानिदेशक, परिचालन लॉजिस्टिक्स एवं रणनीतिक गतिशीलता के रूप में कार्यभार संभाला।
उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें सेना प्रमुख और सेना कमांडर की प्रशंसा भी प्राप्त हुई है।
उनके कमान संभालने के साथ मध्य कमान उनके नेतृत्व में एक नए चरण में प्रवेश कर गई है। सेना कमांडर ने यह भी दोहराया कि कमान मिशन-तैयार, सैनिक-केंद्रित और संचालन के सभी क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि कमान का ध्यान आगे भी परिचालन तैयारी, रणनीतिक त्वरित प्रतिक्रिया, बहु-क्षेत्रीय क्षमताओं तथा अपने कार्मिकों और परिवारों के कल्याण और पेशेवर विकास पर केंद्रित रहेगा।