रियर एडमिरल सुंदीप एस. रंधावा, वीएसएम, ने फ्लैग रैंक में पदोन्नति के बाद 1 अक्टूबर 2026 को 28वें फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग (एफओएसटी) का कार्यभार संभाला।
नौसेना अकादमी, गोवा के पूर्व छात्र रियर एडमिरल रंधावा को 1 जुलाई 1996 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। उन्होंने श्रिवेनहैम, ब्रिटेन स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स और न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड स्थित अमेरिकी नौसेना युद्ध महाविद्यालय में नेवल कमांड कोर्स भी किया है।
अपने नौसैनिक करियर में उन्होंने कई कमान और स्टाफ नियुक्तियों पर काम किया है। इनमें नौसेना मुख्यालय में कमोडोर नेवल ऑपरेशंस तथा रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग में निदेशक स्तर की जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
समुद्री सेवा के उनके व्यापक अनुभव में माइनस्वीपर आईएनएस भाभनगर, मिसाइल कार्वेट आईएनएस किर्च, विमानवाहक पोत आईएनएस विराट और पी15 विध्वंसक आईएनएस दिल्ली पर तैनाती शामिल है। उन्होंने द्वोरा-श्रेणी के फास्ट अटैक क्राफ्ट आईएनएफएसी टी80, मिसाइल पोत आईएनएस नाशक और स्वदेशी कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक आईएनएस चेन्नई पर भी कमान संभाली है।
रियर एडमिरल रंधावा की एक खास उपलब्धि विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य के कमीशनिंग कार्यकारी अधिकारी रहना है। इस तरह उनका समुद्री अनुभव भारतीय नौसेना के अलग-अलग प्लेटफार्मों—फास्ट अटैक क्राफ्ट, मिसाइल पोतों, विध्वंसकों और विमानवाहक पोतों—तक फैला हुआ है।
उनकी तटीय नियुक्तियों में नौसेना प्रमुख के फ्लैग लेफ्टिनेंट, मुख्यालय में स्टाफ ऑफिसर (नेविगेशन एंड डायरेक्शन), फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग, मुख्यालय में कमांड प्लान्स ऑफिसर, नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में डायरेक्टिंग स्टाफ और कोच्चि में नेविगेशन एंड डायरेक्शन स्कूल के प्रभारी अधिकारी शामिल रहे हैं।
वे क्वालिफाइड शिप्स डाइवर हैं और नेविगेशन तथा एयरक्राफ्ट डायरेक्शन के विशेषज्ञ हैं। उनके पेशेवर अनुभव में नौसैनिक अभियान, नेविगेशन, प्रशिक्षण, योजना और कमान से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
रियर एडमिरल रंधावा के पास मुंबई विश्वविद्यालय से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एमफिल और किंग्स कॉलेज लंदन से रक्षा अध्ययन में परास्नातक डिग्री है। उन्होंने 2008–09 के दौरान श्रिवेनहैम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स तथा 2016–17 के दौरान अमेरिकी नौसेना युद्ध महाविद्यालय, न्यूपोर्ट में नेवल कमांड कोर्स पूरा किया।
उन्हें नौसेना प्रमुख और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से प्रशस्ति भी प्राप्त हुई है।
फ्लैग रैंक में पदोन्नति और 28वें फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग के रूप में नियुक्ति से पहले, रियर एडमिरल रंधावा नौसेना मुख्यालय में कमोडोर नेवल ऑपरेशंस के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने समुद्री परिचालन आवश्यकताओं पर केंद्रित पेशेवर गतिविधियों में भी भाग लिया।
कमोडोर नेवल ऑपरेशंस के रूप में उन्होंने “तटीय जलमग्नता और लवणता से उत्पन्न समुद्री बलों पर परिचालन और सामग्रीगत दबाव” विषय पर दूसरे एनएमएफ-केएएस संगोष्ठी के पेशेवर सत्र चार में एक सत्र भी दिया।
फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग के रूप में उनकी नियुक्ति नौसैनिक परिचालन, समुद्री कमान, नेविगेशन, प्रशिक्षण और वरिष्ठ स्टाफ नियुक्तियों के अनुभव को एक साथ जोड़ती है। यह जिम्मेदारी उन्हें भारतीय नौसेना की समुद्री प्रशिक्षण व्यवस्था और परिचालन तैयारियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण पद पर स्थापित करती है।
रियर एडमिरल रंधावा ने 1 अक्टूबर 2026 को फ्लैग रैंक में पदोन्नति के बाद 28वें फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग का कार्यभार संभाला।