लेफ्टिनेंट जनरल मोहित सेठ, एसएम, वीएसएम**, व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, और ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने पुंछ और कृष्णा घाटी सेक्टरों में नियंत्रण रेखा के अग्रिम चौकियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गठन की कार्यात्मक तैयारियों की समीक्षा की।
अग्रिम क्षेत्रों के दौरे के दौरान कोर कमांडर को सेक्टरों में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी गई। इस ब्रीफिंग में घुसपैठ-रोधी उपायों, निगरानी व्यवस्था और परिचालन प्रभावशीलता को और बढ़ाने के लिए चल रही पहलों को भी शामिल किया गया।
दौरे का मुख्य केंद्र नियंत्रण रेखा के किनारे तैनात सैनिकों की तैयारियों का आकलन रहा। कोर नेतृत्व को क्षेत्र में किए जा रहे उपायों की समीक्षा का अवसर मिला, जिसमें सुरक्षा वातावरण के साथ-साथ घुसपैठ-रोधी और निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल थीं।
कोर कमांडर ने उन चल रही पहलों की भी समीक्षा की, जिनका उद्देश्य गठन की परिचालन क्षमता को और मजबूत करना है। यह समीक्षा ऐसे समय में की गई जब सैनिक नियंत्रण रेखा के अग्रिम ठिकानों पर सतर्कता और तैयारी बनाए हुए हैं।
सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने उनकी अटूट प्रतिबद्धता और परिचालन उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हुए अग्रिम क्षेत्रों में कर्तव्य निभाते समय उच्च मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने सभी रैंकों को सतर्कता, तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया के सर्वोच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए। इन निर्देशों में अग्रिम क्षेत्रों में काम करते समय निरंतर तैयारी और तुरंत जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया गया।
व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का यह दौरा, ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के साथ, पुंछ और कृष्णा घाटी सेक्टरों के अग्रिम चौकियों तक फैला रहा। इस दौरान मौजूदा सुरक्षा स्थिति, घुसपैठ-रोधी उपायों, निगरानी व्यवस्था और परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करने की पहलों की समीक्षा की गई।
यह दौरा पुंछ और कृष्णा घाटी सेक्टरों में नियंत्रण रेखा पर तैनात संरचनाओं और सैनिकों के बीच परिचालन तैयारी तथा सतर्कता पर लगातार बने ध्यान को रेखांकित करता है।