नई दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक सिपाही पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने घायल कर्मी की पहचान सिपाही बिक्रम कुमार के रूप में की है। वह कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए प्रदर्शन स्थल पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार, जब वे एक प्रदर्शनकारी को बैरिकेड के पास से हटाकर ले जा रहे थे, तभी उन पर कथित हमला किया गया।
इस हमले में उनके दाहिने कोहनी पर मामूली चोट आई। उन्हें चिकित्सा जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें कुछ ही समय बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कहा कि चोट गंभीर नहीं थी।
बिक्रम कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमलावर का निशाना उनकी गर्दन थी। पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, “मैं प्रदर्शनकारी को बैरिकेड के पास से ले जा रहा था, तभी उसने चाकू से मुझ पर वार किया। उसका इरादा मेरी गर्दन पर वार करने का था, लेकिन मैं बच गया और वार मेरे हाथ पर लगा।”
यह प्रदर्शन कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने आयोजित किया था। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की थी। यह मांग चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, जिनमें मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण भी शामिल है, को लेकर उठाई गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने रायसीना रोड स्थित एनएसयूआई मुख्यालय के पास प्रतीकात्मक “जीवित मृत” प्रदर्शन किया और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस आंदोलन का नेतृत्व एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने किया। प्रदर्शनकारी तख्तियां लिए हुए थे और “वोट की चोरी नहीं चलेगी, जनता की आवाज नहीं दबेगी” जैसे नारे लगा रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग क्षेत्र में कथित हिंसा को लेकर चार प्राथमिकियां दर्ज की हैं। ये मामले सीआईएसएफ सिपाही पर कथित हमले, दंगा, संपत्ति विरूपण और लोक सेवकों को उनके कर्तव्य निर्वहन में बाधा पहुंचाने से संबंधित हैं।
कथित हिंसा के सिलसिले में 18 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। सिपाही पर हमला करने के आरोपी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया गया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि घटनाक्रम और अलग-अलग प्रदर्शनकारियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके। अधिकारियों ने कहा है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाती है। इन संवेदनशील स्थानों पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बल, जिनमें सीआईएसएफ भी शामिल है, नियमित रूप से तैनात रहते हैं।