राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय, देहरादून ने 5 अक्टूबर 2026 को लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए, एससी, की मेजबानी की। इस अवसर पर उनकी समुद्र के रास्ते 238 दिन की विश्व परिक्रमा यात्रा पर केंद्रित एक प्रेरक संवाद आयोजित किया गया।
लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए तीनों सेनाओं में उन दो महिला अधिकारियों में से एक हैं, जिन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी परिक्रमा यात्रा के अनुभव साझा किए, जो साहस, सहनशक्ति, अनिश्चितता और दृढ़ संकल्प से भरे रहे।
उन्होंने 238 दिन तक समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के दौरान आई चुनौतियों और अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। उनके संस्मरणों से लंबे और कठिन अभियान के दौरान आवश्यक धैर्य और जिजीविषा की झलक मिली।
इस कार्यक्रम में नौसैनिक और असैन्य कर्मचारी, साथ ही स्कूलों और महाविद्यालयों के छात्र भी मौजूद थे। उनके अनुभवों ने युवा श्रोताओं और अन्य प्रतिभागियों को उनकी यात्रा तथा उसके दौरान सामने आई चुनौतियों से सीखने का अवसर दिया।
संवाद के दौरान उन्होंने अपनी परिक्रमा यात्रा के साथ नेतृत्व और दृढ़ता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कठिन परिस्थितियों में अनिश्चितता का सामना करते हुए आगे बढ़ने का संदेश भी इस अवसर का प्रमुख हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में शामिल छात्रों के लिए यह सत्र समुद्र में उनके अनुभवों और 238 दिन की परिक्रमा पूरी करने से जुड़ी चुनौतियों को सीधे एक सम्मानित नौसैनिक अधिकारी से सुनने का अवसर रहा।
देहरादून में आयोजित यह प्रेरक संवाद दूसरों को प्रेरित करने में प्रत्यक्ष अनुभवों के महत्व को भी सामने लाया। शौर्य चक्र प्राप्तकर्ता की यह यात्रा साहस, सहनशक्ति, दृढ़ संकल्प और जिजीविषा का उदाहरण बनी रही।