भोपाल, 11–13 अक्टूबर 2026: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालय, भोपाल के निवारक शाखा मुख्यालय में अधीक्षक राजेश कुमार को कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। स्थानीय रिपोर्टों में उनका नाम राजेश कुमार गुप्ता भी बताया गया है। उन्हें शनिवार को जाल बिछाकर पकड़ा गया।
सीबीआई के अनुसार, मामला उस शिकायत के बाद दर्ज किया गया जिसमें कहा गया था कि कुमार ने भोपाल के एक कबाड़ कारोबारी से हर महीने 2 लाख रुपये की अवैध मांग की थी। इसके बदले में वह फर्म के कबाड़ से भरे वाहनों को नहीं रोकने और व्यवसाय में कोई बाधा न डालने की बात कह रहे थे।
एजेंसी ने जाल बिछाकर उन्हें 2 लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया। इसके बाद भोपाल और कानपुर स्थित उनके आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई, जहां से 72.50 लाख रुपये नकद और अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। जांच जारी है।
स्थानीय रिपोर्टों में शिकायत से जुड़ा अतिरिक्त विवरण भी सामने आया है। शिकायतकर्ता मुबीन खान, जो मंडीदीप स्थित एक फर्म से जुड़े कबाड़ व्यापारी हैं, ने आरोप लगाया कि 15 सितंबर 2026 को कुमार ने ई-वे बिल नहीं होने के कारण इंदौर से भोपाल जा रहे उनके कबाड़ लदे एक ट्रक को रोक लिया था।
इसी रात, आरोप है कि अधिकारी ने मंडीदीप में व्यापारी के गोदाम पर छापा मारा और 11 लाख रुपये लेकर चला गया तथा कारोबार बाधित करने की धमकी दी। इसके बाद कथित रूप से 2 लाख रुपये प्रतिमाह की नियमित मांग की गई, जिसे हर महीने की 10 तारीख को देने की बात कही गई थी, ताकि कबाड़ का कारोबार बिना रुकावट चलता रहे।
मामला दर्ज होने के बाद नर्मदापुरम रोड पर डी-मार्ट के पास जाल बिछाया गया। गिरफ्तारी के बाद विशेष अदालत ने उन्हें दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
जीएसटी विभाग ने कुमार को निलंबित कर दिया है और उनके आचरण की विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि बरामद नकदी और जब्त संपत्ति दस्तावेजों को देखते हुए असंगत संपत्ति का अलग मामला दर्ज करने की संभावना भी जांची जा रही है।
सीबीआई ने कहा है कि आगे की जांच जारी है। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, आरोपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही निलंबन के अलावा आयुक्तालय की ओर से कोई विस्तृत टिप्पणी दी गई है।