नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारियों से सेवानिवृत्त अधिकारियों के सेमिनार के दौरान मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने उनके विशिष्ट करियर और देश के प्रति दशकों की समर्पित सेवा को सम्मान दिया।
बातचीत के दौरान जनरल सेठ ने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की निस्वार्थ प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और भारतीय सेना में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने सफलतापूर्वक अपने सैन्य करियर को पूरा करने पर उन्हें बधाई दी और संगठन की परंपराओं, मूल्यों तथा अभियानगत उत्कृष्टता को बनाए रखने में उनकी भूमिका को स्वीकार किया।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियां बनी रहेंगी। उन्होंने उन्हें “वर्दी से परे योद्धा” बताया और कहा कि एक सैनिक की भावना वर्दी में रहते हुए या नागरिक जिम्मेदारियां निभाते हुए, दोनों ही स्थितियों में समान रहती है।
जनरल सेठ ने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को अपने व्यापक सैन्य अनुभव, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक विशेषज्ञता का उपयोग कर समाज और राष्ट्र-निर्माण में योगदान जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह संवाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के प्रति भारतीय सेना के स्थायी सम्मान और राष्ट्र सेवा के प्रति उनके आजीवन समर्पण की मान्यता को दर्शाता है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेमिनार सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच रहे अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां उन्हें अपने सैन्य करियर पर विचार करने और जीवन के अगले चरण के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है।