एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान की कमान संभाल ली। उन्होंने एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार ग्रहण किया है। उनके पास तीन दशक से अधिक का सैन्य अनुभव है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र एयर मार्शल देसवाल को जून 1989 में वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन मिला था। उन्हें विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
अपने सेवाकाल में वह अग्रिम मोर्चे की एक सुखोई एसयू-30 लड़ाकू स्क्वाड्रन और दो प्रमुख वायुसेना अड्डों की कमान संभाल चुके हैं। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने हवाई अभियानों, युद्धक तैयारियों और परिचालन नेतृत्व का अनुभव हासिल किया। उन्होंने परिचालन योजना और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्टाफ पदों पर भी काम किया है।
पूर्वी वायु कमान की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में वरिष्ठ एयर स्टाफ अधिकारी थे। इस पद पर वह कमान के क्षेत्र में परिचालन तैयारियों की निगरानी और प्रमुख हवाई गतिविधियों के समन्वय से जुड़े थे।

एयर मार्शल देसवाल को हमलावर विमानों और वायु रक्षा अभियानों में विशेषज्ञता हासिल है। वह योग्य पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर भी हैं और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।
वह पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में एयर अटैशे के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (हथियार प्रणालियां) के पद पर रहते हुए उन्होंने वायुसेना की परिचालन और हथियार संबंधी क्षमताओं से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।
उनकी सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित किया गया है।

एयर मार्शल देसवाल ने एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया का स्थान लिया है। वालिया ने 1 नवंबर 2026 को वायुसेना उप प्रमुख का पदभार संभाला।

पूर्वी वायु कमान का मुख्यालय शिलांग में है। यह कमान देश के पूर्वी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्वी तथा पूर्वोत्तर सीमाओं पर परिचालन तैयारियां बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
