नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026: भारतीय सैन्य विरासत महोत्सव 2026 में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारियों ने वैश्विक नौकायन अभियानों के अपने अनुभव साझा किए। पत्रकार बरखा दत्त ने इस चर्चा का संचालन किया। महोत्सव का आयोजन यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई) ने किया था।
इस सत्र में चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (सीआईएससी) एयर मार्शल तेजिंदर सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने इन चुनौतीपूर्ण समुद्री अभियानों में भाग लेने वाली महिला अधिकारियों की उपलब्धियों और साहस की सराहना की।
महिला अधिकारियों ने समुद्र में कठिन परिस्थितियों का सामना करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने के अनुभव बताए। चर्चा में सैन्य साहसिक अभियानों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के साथ ही चुनौतियों से निपटने में धैर्य, टीम भावना और नेतृत्व के महत्व पर भी बात हुई।

एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने भाग लेने वाली अधिकारियों को सम्मानित किया और उनके साहस, दृढ़ता तथा साहसिक अभियानों के प्रति उत्साह की प्रशंसा की।

महोत्सव में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप देने के 25 वर्षों पर भी एक सत्र आयोजित हुआ। एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने इसकी अध्यक्षता की और मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच सहयोग और एकीकरण को और मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने संयुक्त कार्यप्रणाली को तीनों सेनाओं की साझा आस्था का विषय बताया और कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सैन्य एकीकरण की दिशा में प्रगति हुई है। उनके अनुसार, जारी संरचनात्मक सुधार ठोस सैन्य सिद्धांतों और अभियानों से मिले अनुभव के आधार पर सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अपने समापन संबोधन में एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने भारत के सैन्य इतिहास का सटीक दस्तावेजीकरण करने, उसे संरक्षित रखने और भावी पीढ़ियों के सामने प्रस्तुत करने की जरूरत पर जोर दिया। महोत्सव में सैन्य नेतृत्व, पूर्व सैनिकों, इतिहासकारों, पत्रकारों और सेवारत सैन्यकर्मियों ने रक्षा विरासत, अभियानों के अनुभवों और बदलते सैन्य परिदृश्य पर चर्चा की।