राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने हरियाणा के मानेसर में संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा-XII’ शुरू किया है। देशभर के सुरक्षा संगठनों के करीब 500 कर्मी इसमें भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस अभ्यास का 12वां संस्करण 2 नवंबर 2026 को एनएसजी ट्रेनिंग अकादमी में शुरू हुआ।
अभ्यास में 15 राज्यों के पुलिस बलों, तीन केंद्रशासित प्रदेशों और छह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मी शामिल हैं। इसका उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण और बेहतर तालमेल के जरिए केंद्र व राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों की आतंकवाद से निपटने की तैयारी मजबूत करना है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता एनएसजी ट्रेनिंग अकादमी के महानिरीक्षक ने की। अपने संबोधन में उन्होंने मौजूदा आतंकी चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और अभियानों में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वित सामरिक कार्रवाई वाली परिस्थितियों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा संगठनों का करीबी सहयोग जरूरी है।

आतंकवाद-रोधी अभियानों में अलग-अलग जिम्मेदारियों, अधिकार क्षेत्रों और विशेष क्षमताओं वाले संगठनों को साथ काम करना पड़ता है। अभ्यास के दौरान भाग लेने वाले बल अपने अभियानों से जुड़ी जानकारी, पेशेवर अनुभव और आतंकवाद-रोधी तौर-तरीके साझा करेंगे। इससे समय पर निर्णय लेने, संसाधनों की प्रभावी तैनाती और संयुक्त कार्रवाई में तालमेल बेहतर करने में मदद मिलेगी।

अभ्यास सुरक्षा कर्मियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और संचार संबंधी जरूरतों को समझने का अवसर भी देगा। इसमें अत्यधिक दबाव वाली सुरक्षा परिस्थितियों के दौरान समन्वित प्रतिक्रिया और विभिन्न संगठनों के कर्मियों के बीच आपसी भरोसा बढ़ाने पर भी ध्यान है।

एनएसजी भारत का विशेष आतंकवाद-रोधी बल है, जो जटिल आतंकी खतरों और अन्य उच्च जोखिम वाली सुरक्षा स्थितियों से निपटता है। मानेसर स्थित इसकी प्रशिक्षण अकादमी विशेष सामरिक क्षमताएं विकसित करने और दूसरे सुरक्षा संगठनों के साथ पेशेवर सहयोग बढ़ाने का केंद्र है।
उद्घाटन संबोधन में उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण, प्रभावी संचार और सामूहिक तैयारी की जरूरत भी रेखांकित की गई। अभ्यास की मूल भावना ‘अग्नि परीक्षा—साहस, चरित्र और युद्धक उत्कृष्टता की कसौटी’ रखी गई है।