केंद्र सरकार अग्निपथ योजना के तहत भर्ती कुछ अग्निवीरों का सेवाकाल दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट और सूत्रों के हवाले से आई अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों की घोषणा 21 नवंबर से पहले हो सकती है। हालांकि, सरकार या रक्षा मंत्रालय ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब अग्निवीरों का पहला बैच अपना चार साल का अनुबंध पूरा करने वाला है। नौसेना के पहले बैच का सेवाकाल 21 नवंबर, वायुसेना के बैच का 21 दिसंबर और थलसेना के बैच का 31 दिसंबर को पूरा होना है।
जून 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना में चार साल के लिए भर्ती की जाती है। प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन, चिकित्सा फिटनेस और सैन्य जरूरतों के आधार पर नियमित संवर्ग में शामिल किया जा सकता है। बाकी अग्निवीरों को सेवा छोड़ते समय लगभग 11.71 लाख रुपये का एकमुश्त, कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलता है। इसमें अग्निवीर का करीब 5.02 लाख रुपये का योगदान, सरकार का बराबर योगदान और अर्जित ब्याज शामिल होता है। सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीर पेंशन या ग्रेच्युटी के पात्र नहीं होते।
पहले भर्ती चक्र में तीनों सेनाओं में लगभग 24,400 अग्निवीर शामिल हुए थे। इनमें करीब 19,000 थलसेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में भर्ती हुए थे। मौजूदा नियमों के तहत दिसंबर के अंत तक इनमें से लगभग 18,300 अग्निवीरों के सेवा से बाहर होने की संभावना है। वायुसेना अपने पहले बैच के 2,850 अग्निवीरों में से 712 को स्थायी रूप से शामिल करने के लिए चुन चुकी है। यह संख्या 25 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अनुरूप है।
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि तीनों सेनाओं की सिफारिशों पर विचार करने के लिए हाल के दिनों में उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं। प्रस्ताव लागू होने पर नियमित संवर्ग में शामिल किए जाने वालों के अलावा कुछ अन्य अग्निवीरों को भी दो साल का सेवा विस्तार मिल सकता है। ऐसे में तीन श्रेणियां हो सकती हैं—मूल चार साल का सेवाकाल पूरा करने वाले, दो साल का विस्तार पाने वाले और नियमित संवर्ग में शामिल होने वाले अग्निवीर।
किस सेना में कितने अग्निवीरों को सेवा विस्तार मिलेगा और उनके चयन के मानदंड क्या होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है। तीनों सेनाओं ने योजना के चार साल के अनुभव के आधार पर पहले ही अपने सुझाव सौंप दिए थे। फिलहाल सेवा विस्तार का प्रस्ताव विचाराधीन है।