अहिल्यानगर (महाराष्ट्र), 3 नवंबर 2026: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अहिल्यानगर के दौरे पर तीन पूर्व सैन्यकर्मियों को योद्धा सेवा सम्मान से सम्मानित किया। उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्र निर्माण, समाज कल्याण और सामुदायिक विकास में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
सम्मान पाने वालों में सेना मेडल से अलंकृत सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर संतोष कुरुप, सेवानिवृत्त कर्नल सुनील रामदास राजदेव और सेवानिवृत्त हवलदार लक्ष्मण जगन्नाथ आंधले शामिल हैं। कार्यक्रम की थीम ‘योद्धा सेवा सम्मान–कर्म से गौरव, सेवा से विजय’ थी, जिसमें सैन्य सेवा के बाद भी समाज के लिए काम कर रहे पूर्व सैनिकों के योगदान को सराहा गया।

ब्रिगेडियर संतोष कुरुप को नक्सल विरोधी अभियानों के लिए महाराष्ट्र पुलिस के कमांडो को प्रशिक्षण देने में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने सैन्य अनुभव और अभियान संबंधी विशेषज्ञता का उपयोग कर उग्रवाद विरोधी तथा आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिसकर्मियों की क्षमता बढ़ाने में योगदान दिया है।

कर्नल सुनील रामदास राजदेव को पूर्व सैनिकों के कल्याण, वीर नारियों की सहायता और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए सम्मान मिला। वह सैन्य परिवारों की मदद करने के साथ ही युवाओं को परामर्श और मार्गदर्शन देते रहे हैं।

हवलदार लक्ष्मण जगन्नाथ आंधले को वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा और करियर संबंधी मार्गदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक बाधाओं से उबरने में मदद देना है। इसके लिए वह उन्हें मार्गदर्शन के साथ व्यक्तिगत विकास और करियर में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं।
जनरल धीरज सेठ ने तीनों पूर्व सैन्यकर्मियों की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और उनके कार्यों को भारतीय सेना के मूल्यों, चरित्र तथा सेवाभाव का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वर्दी छोड़ने के बाद भी एक पूर्व सैनिक योद्धा बना रहता है और अपने कार्यों तथा समाज से जुड़ाव के जरिए देश की सेवा करता रहता है।
योद्धा सेवा सम्मान सक्रिय सैन्य सेवा के बाद राष्ट्रीय विकास में पूर्व सैनिकों के योगदान को मान्यता देता है। पूर्व सैनिक शिक्षा, आपदा प्रबंधन, समाज कल्याण, लोक प्रशासन, सुरक्षा प्रशिक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी भूमिका निभाते रहे हैं।