सागर के पुलिस अधीक्षक पद से हटाए जाने के कुछ दिन बाद आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है। मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के अधिकारी सुजानिया ने 2 नवंबर को सौंपे इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है। इस पर राज्य सरकार का औपचारिक निर्णय अभी बाकी है।
राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को उनका तबादला भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर किया था। उनकी जगह 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर का एसपी बनाया गया। यह बदलाव व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा था, जिसमें सागर और देवास जिलों के कलेक्टर और एसपी भी शामिल थे।
ये तबादले सागर जिले के बांडा में सितंबर 2026 की शुरुआत में हुए जहरीली शराब कांड के बाद किए गए। अवैध रूप से बनी जहरीली शराब पीने से कम से कम 16 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई थी। शराब में मेथनॉल मिले होने का संदेह था।
तबादले के समय सुजानिया इस मामले की जांच की निगरानी कर रहे थे। पुलिस महकमे के सूत्रों के अनुसार, तबादले के समय को लेकर असंतोष था। हालांकि, सुजानिया ने औपचारिक रूप से इस्तीफे का कारण निजी बताया है। उनसे टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले सुजानिया के पास एमटेक की डिग्री है। उन्होंने 2 दिसंबर 2014 को भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया था और दिसंबर 2017 में उनकी सेवा की पुष्टि हुई थी। वह टीकमगढ़, मंदसौर, मुरैना और सागर में पुलिस अधीक्षक तथा करैरा में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के पद पर काम कर चुके हैं।
हालिया तबादले से पहले वह करीब छह महीने से सागर के एसपी थे। इससे पहले भी वह भोपाल के पुलिस मुख्यालय में एआईजी के पद पर तैनात थे।
इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की 3 नवंबर की शाम भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित थी। इस बीच सागर में जहरीली शराब के मामलों की जांच जारी है और देवास से भी इसी तरह की घटनाओं की खबरें सामने आई हैं।