लेफ्टिनेंट जनरल सीजी मुरलीधरन ने बाइसन डिवीजन के फील्ड अस्पतालों और मिलिट्री हॉस्पिटल गोलकोंडा का दौरा कर चिकित्सा तैयारियों का जायजा लिया। 29–30 अक्टूबर 2026 को हुए इस दौरे में उन्होंने सैन्य अभियानों के दौरान चिकित्सा सहायता देने की क्षमता, बुनियादी ढांचे और अस्पतालों के कामकाज की समीक्षा की।

लेफ्टिनेंट जनरल मुरलीधरन चिकित्सा सेवा महानिदेशक (सेना) और आर्मी मेडिकल कोर के कर्नल कमांडेंट हैं। दो दिवसीय दौरे में उन्होंने सैन्यकर्मियों के उपचार के लिए उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया। कठिन अभियान परिस्थितियों में चिकित्सा सहायता देने के लिए कर्मियों को दिए जा रहे युद्धक्षेत्र चिकित्सा प्रशिक्षण के स्तर पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
बाइसन डिवीजन के फील्ड अस्पतालों में समीक्षा का मुख्य केंद्र सैन्य टुकड़ियों को समय पर और प्रभावी चिकित्सा सहायता देने की तैयारी रही। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सा टीमों की क्षमता का जायजा लिया कि वे अपनी निर्धारित जिम्मेदारियां निभाने के लिए कितनी तैयार हैं।

मिलिट्री हॉस्पिटल गोलकोंडा में उन्होंने अस्पताल के बुनियादी ढांचे और समग्र कामकाज की समीक्षा की। इसमें चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, जरूरत पड़ने पर उनके इस्तेमाल की तैयारी और चिकित्सा सेवाएं देने वाले कर्मियों की पेशेवर दक्षता का आकलन शामिल था।

दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मुरलीधरन ने चिकित्सा कर्मियों और अन्य स्टाफ से बातचीत कर उनके कामकाज और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने उनकी पेशेवर दक्षता, समर्पण और चिकित्सा सहायता के उच्च मानक बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की।

सेना की चिकित्सा सहायता व्यवस्था में फील्ड अस्पताल और सैन्य अस्पताल अपनी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हैं। युद्धक्षेत्र चिकित्सा प्रशिक्षण कर्मियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने और जरूरत के समय सैनिकों तक उपचार पहुंचाने के लिए तैयार करता है।