अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भूस्खलन का मलबा हटाने के दौरान साहस और तकनीकी दक्षता दिखाने वाले हवलदार शिंदे मंगेश दत्तात्रेय को राज्य के मुख्यमंत्री ने प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया है। जंग सेक्टर में चलाए गए इस अभियान से स्थानीय गांवों का सड़क संपर्क बहाल करने में मदद मिली।
हवलदार/OPEM शिंदे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट वर्तक की 42 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स के अंतर्गत 90 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी में तैनात हैं। बीआरओ ने भी इस चुनौतीपूर्ण अभियान में उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।
मलबा हटाने का काम जोखिम भरी परिस्थितियों में किया गया। शिंदे ने कठिन हालात में तकनीकी कौशल और दृढ़ता के साथ काम किया। उनके योगदान से भूस्खलन प्रभावित सड़क को साफ करने और क्षेत्र के लोगों के लिए आवाजाही बहाल करने में अहम मदद मिली।

अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और दुर्गम भूभाग के कारण जरूरी सड़क मार्ग बाधित हो जाते हैं। दूरदराज के गांवों तक पहुंच बनाए रखने के लिए इन सड़कों को खुला रखना बीआरओ के काम का अहम हिस्सा है।
सीमा सड़क महानिदेशक ने सम्मान मिलने पर हवलदार शिंदे को बधाई दी और उनकी कर्तव्यनिष्ठा तथा निस्वार्थ सेवा की सराहना की। उन्होंने शिंदे के काम को बीआरओ के अन्य कर्मियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रोजेक्ट वर्तक पूर्वोत्तर में सड़कों के निर्माण और रखरखाव के जरिए जरूरी बुनियादी ढांचे को विकसित करने में योगदान देता है। इसके कर्मी दुर्गम इलाकों और कठिन मौसम में सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए काम करते हैं। बीआरओ का ध्येय वाक्य ‘श्रमेण सर्वं साध्यम्’ है, जिसका अर्थ है कि परिश्रम से सब कुछ संभव है।