केंद्रीय विदेश और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मानेसर स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) प्रशिक्षण अकादमी का दौरा किया। वहां उन्होंने एनएसजी के सालाना राष्ट्रीय काउंटर-आईईडी अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ का 12वां संस्करण देखा।
इस अभ्यास में राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के आतंकवाद-रोधी दस्तों के साथ देशभर के आतंकवादी घटनाओं के प्रथम प्रतिक्रिया दल शामिल हुए। इसमें इन सुरक्षा एजेंसियों के दस्तों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या जुटी। अभ्यास का उद्देश्य तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) और आतंकवाद से जुड़े खतरों से निपटने की विशेष जरूरतों पर एक साझा मंच पर काम करना था।

अलग-अलग सुरक्षा बलों की भागीदारी ने आतंकवाद-रोधी तैयारियों में आपसी तालमेल और संयुक्त प्रशिक्षण की भूमिका को रेखांकित किया। ऐसे मंचों से विभिन्न एजेंसियों के कर्मियों के बीच कार्यगत समझ और प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत करने में मदद मिलती है।

दौरे के दौरान सिंह ने पहले महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स की प्रशिक्षुओं से भी बातचीत की। उन्होंने महिला कर्मियों को विशेष आतंकवाद-रोधी अभियानों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
सिंह ने एनएसजी के उन्नत प्रशिक्षण ढांचे और परिचालन क्षमताओं को भी देखा। उन्हें राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई, जो आईईडी से जुड़े खतरों के जवाब में व्यवस्थित सूचना प्रबंधन की भूमिका को दर्शाती है।

मंत्री को एनएसजी के विदेशी प्रशिक्षण और आदान-प्रदान कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों के जरिए विशेषज्ञता साझा करने और विशेष प्रशिक्षण क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।