उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास खानुआ सीमा चौकी पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 33 वर्षीय जवान मनजीत कुमार की सर्विस राइफल से गोली लगने के बाद मौत हो गई। घटना 8 नवंबर 2026 की तड़के की है।
बिहार के औरंगाबाद जिले के जम्होर गांव के रहने वाले कुमार एसएसबी की 66वीं बटालियन में थे। वह 23 जून 2014 को बल में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी रात 1 बजे से सुबह 7 बजे तक थी। वह सर्विस राइफल लेकर चौकी के लिए निकले, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। रात करीब 2 बजे ड्यूटी कमांडर ने उन्हें लापता पाया तो तलाश शुरू की गई। बाद में वह कैंप के भीतर सीढ़ियों के नीचे मृत मिले। उनकी राइफल पास में थी।
रिपोर्टों और सहकर्मियों के मुताबिक, कुमार छुट्टी से लौटने के बाद से मानसिक तनाव में थे। वह घटना से करीब पांच दिन पहले छुट्टी से लौटे थे, हालांकि एक रिपोर्ट में वापसी की तारीख करीब 3 अक्टूबर बताई गई है, जो 8 नवंबर की घटना से मेल नहीं खाती। उनके बड़े भाई की करीब ढाई महीने पहले मौत हुई थी। कुमार की शादी दो साल पहले हुई थी और उनका ढाई महीने का बेटा है। उनके पिता सुरेश राम का निधन हो चुका है। उनकी मां नगिना देवी हैं। परिवार में उनके दो भाई और एक बहन भी हैं।
पुलिस और एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। सोनौली के थाना प्रभारी और नौतनवा के क्षेत्राधिकारी ने भी मौके का जायजा लिया। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और परिवार को कुमार की मौत की सूचना दी गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच जारी है और घटना की परिस्थितियां जांच एजेंसियों के निष्कर्ष पर निर्भर करेंगी।