मेजर जनरल मनीष कुकरैती, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), मध्य यूपी सब एरिया ने लखनऊ स्थित आर्मी मेडिकल कॉर्प्स (एएमसी) केंद्र एवं कॉलेज में योद्धा रक्षक कॉम्बैट कैजुअल्टी केयर (वाईआरसीसीसी) पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों को कॉम्बैट फर्स्ट एड पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।
अपने व्यापक परिचालन अनुभव के आधार पर उन्होंने युद्ध की परिस्थितियों में गोल्डन आवर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता युद्धक्षेत्र में जीवित रहने की संभावना बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने वास्तविक परिचालन उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि चोट लगने के बाद के अहम क्षणों में समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप कैसे जीवन बचाने और उत्तरजीविता दर बढ़ाने में मदद कर सकता है।
इस सत्र ने कॉम्बैट कैजुअल्टी केयर प्रशिक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया। इससे चिकित्सकीय तैयारी मजबूत होती है, परिचालन क्षमता बढ़ती है और सैनिक भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए मिशन-तैयार बने रहते हैं।