उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने 05 से 07 जुलाई 2026 तक विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कमान की परिचालन तैयारी और क्षमता विकास से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान वाइस एडमिरल सोबती ने आईएनएस अग्रे, आईएनएस दुनागिरी और आईएनएस मैसूर पर तैनात कर्मियों से बातचीत की। यह संवाद कमान की व्यापक परिचालन सजगता और बदलती समुद्री सुरक्षा जरूरतों से निपटने की तैयारी की समीक्षा का हिस्सा था।
उप नौसेना प्रमुख ने हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में चल रही जहाज निर्माण, मरम्मत और अवसंरचना परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इस समीक्षा में स्वदेशी क्षमता विकास को मजबूत करने और महत्वपूर्ण नौसैनिक परियोजनाओं में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने पर भारतीय नौसेना के निरंतर ध्यान को रेखांकित किया गया।
दौरे के हिस्से के रूप में वाइस एडमिरल सोबती ने पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला से भी मुलाकात की। यह बैठक नौसेना की प्रमुख समुद्री कमानों में समन्वित नेतृत्व और निरंतर परिचालन फोकस के महत्व को दर्शाती है।
वाइस एडमिरल सोबती ने कमान के अधिकारियों से भारतीय नौसेना विजन 2047, भारतीय समुद्री सिद्धांत और भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा रणनीति के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। इस संवाद से नौसेना की दीर्घकालिक दृष्टि, सैद्धांतिक प्राथमिकताओं और समुद्री सुरक्षा के प्रति रणनीतिक रुख पर चर्चा का अवसर मिला।
यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में युद्ध तैयारी, समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी क्षमता विकास के प्रति भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है। पूर्वी नौसेना कमान भारत के समुद्री हितों की रक्षा और इस क्षेत्र में नौसेना के परिचालन उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती रही है।