लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम, दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर ने अहिल्यानगर स्थित मशीनीकृत पैदल सेना केंद्र एवं विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने युद्ध तत्परता बढ़ाने के लिए किए जा रहे आधुनिक प्रशिक्षण प्रयासों और अत्याधुनिक ढांचे की समीक्षा की।
दौरे के दौरान आर्मी कमांडर ने प्रमुख प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। इनमें संवर्धित वास्तविकता/आभासी वास्तविकता प्रयोगशाला और युद्ध अनुकरण क्षेत्र शामिल थे, जिन्हें मशीनीकृत पैदल सेना के कर्मियों को व्यापक और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को संस्थान की उन्नत प्रशिक्षण पद्धतियों, अनुकरण प्रौद्योगिकियों और नवाचारी शिक्षण प्रथाओं को अपनाने के बारे में जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य सैनिकों को आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार करना है।
यह दौरा इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय सेना प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण, अनुकूलित शिक्षण और भविष्य के लिए तैयार युद्धक क्षमता पर लगातार ध्यान दे रही है। इससे एक अत्यंत कुशल और संचालन के लिए तैयार मशीनीकृत बल के निर्माण की प्रतिबद्धता भी सामने आती है, जो उभरती युद्धभूमि चुनौतियों का सामना कर सके।