भारत स्थित कोरिया गणराज्य के दूतावास में रक्षा अताशे लेफ्टिनेंट कर्नल हान जोंघुन ने 16 जुलाई, 2026 को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी का दौरा किया। इस दौरान उन्हें अकादमी की प्रतिष्ठित सैन्य नेतृत्व-निर्माण परंपरा और उसकी आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई।
यह यात्रा भारत और कोरिया गणराज्य के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाती है। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत करने में सैन्य-से-सैन्य संपर्कों के महत्व को भी रेखांकित करती है।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल हान जोंघुन को भारतीय सैन्य अकादमी के अत्याधुनिक प्रशिक्षण ढांचे और व्यापक अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों ने भारतीय सेना और कई मित्र विदेशी देशों के लिए सैन्य नेतृत्व की अनेक पीढ़ियाँ तैयार की हैं।
1932 में स्थापित भारतीय सैन्य अकादमी भारत की प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है और पेशेवर रूप से सक्षम सैन्य नेताओं को तैयार करने के लिए वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुकी है। वर्षों के दौरान यहां प्रशिक्षण प्राप्त हजारों अधिकारी विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवा दे चुके हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल हान जोंघुन ने अकादमी की विश्वस्तरीय प्रशिक्षण संरचना और उसके उच्च पेशेवर मानकों की सराहना की। उन्होंने अधिकारी कैडेटों को आधुनिक सैन्य अभियानों की बढ़ती जटिल चुनौतियों के लिए तैयार करने के अकादमी के व्यापक और भविष्य उन्मुख दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की।
भारतीय सैन्य अकादमी की प्रशिक्षण पद्धति में कठोर शारीरिक तैयारी, शैक्षणिक उत्कृष्टता, सामरिक दक्षता और नेतृत्व विकास को जोड़ा जाता है। इसका पाठ्यक्रम उभरती सैन्य प्रौद्योगिकियों, समकालीन परिचालन सिद्धांतों और आधुनिक संघर्षों से मिली सीख को लगातार शामिल करता रहता है।
इस यात्रा ने सैन्य शैक्षिक आदान-प्रदान के महत्व को भी सामने रखा, जो द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने में सहायक होते हैं। ऐसे संपर्क पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान, आपसी समझ बढ़ाने और मित्र राष्ट्रों की सेनाओं के बीच सहयोग के अवसर बनाने में मदद करते हैं।
भारत और कोरिया गणराज्य ने हाल के वर्षों में उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, संयुक्त पहलों और कई क्षेत्रों में बढ़ते रणनीतिक संपर्क के जरिए अपनी रक्षा भागीदारी का लगातार विस्तार किया है। दोनों देशों की विशेष रणनीतिक साझेदारी में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ी पहलें शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल हान जोंघुन की यह यात्रा भारतीय सैन्य अकादमी की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है। यह भी दर्शाती है कि भारत मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने और सैन्य नेतृत्व प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को लगातार सुदृढ़ कर रहा है।