भारतीय रक्षा लेखा सेवा की 1991 बैच की अधिकारी श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा ने 1 अगस्त 2026 को रक्षा लेखा महानियंत्रक के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने रक्षा लेखा विभाग का नेतृत्व संभाला, जो रक्षा मंत्रालय के वित्तीय और लेखा ढांचे के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार संगठन है।
तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक वित्त और प्रशासन के अनुभव वाली इस वरिष्ठ सिविल सेवक ने रक्षा मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर काम किया है। उन्होंने नीति निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और शासन सुधारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारतीय रक्षा लेखा सेवा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करने, रक्षा खरीद प्रक्रियाओं में सुधार लाने और भारतीय रक्षा वित्तीय तंत्र में दक्षता बढ़ाने वाले सुधारों को समर्थन देने में अहम भूमिका निभाई है। उनका अनुभव बजट, व्यय प्रबंधन, लेखा परीक्षण, वित्तीय परामर्श और केंद्र सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुधारों तक फैला हुआ है।
रक्षा लेखा महानियंत्रक के रूप में श्रीमती अरोड़ा रक्षा लेखा विभाग की प्रमुख होंगी, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है। यह विभाग वित्तीय सलाह देने, रक्षा खातों का रखरखाव करने, सेवा में तैनात और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के वेतन और पेंशन का प्रसंस्करण करने, आंतरिक लेखा परीक्षण करने और रक्षा व्यय पर वित्तीय निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।
रक्षा लेखा विभाग सशस्त्र बलों की परिचालन तत्परता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह समय पर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शी लेखा प्रणाली और वेतन, पेंशन तथा अन्य वित्तीय लाभों के सुचारु वितरण को सुनिश्चित करता है। साथ ही, यह रक्षा अधिग्रहण, पूंजीगत परियोजनाओं और आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के लिए एकीकृत वित्तीय परामर्श भी देता है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब रक्षा मंत्रालय वित्तीय सुधारों, डिजिटल रूपांतरण और आधुनिकीकरण पहलों को तेज कर रहा है, ताकि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं को समर्थन मिल सके और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके। विभिन्न मंत्रालयों में उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव संस्थागत दक्षता को मजबूत करने और रक्षा तंत्र में वित्तीय शासन को और बेहतर बनाने में मददगार माना जा रहा है।
सार्वजनिक वित्त, रक्षा प्रशासन और नीति क्रियान्वयन में उनके सिद्ध रिकॉर्ड को देखते हुए श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा रक्षा लेखा महानियंत्रक संगठन का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त मानी जा रही हैं। उनसे मजबूत वित्तीय प्रबंधन, अधिक पारदर्शिता और भारतीय सशस्त्र बलों के परिचालन एवं रणनीतिक लक्ष्यों को निरंतर समर्थन मिलने की अपेक्षा है।