लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, ट्रिनिटी एरिया ने जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मुख्यालय झारखंड एवं बिहार उप क्षेत्र के साथ रामगढ़ सैन्य स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब रेजिमेंटल सेंटर और सिख रेजिमेंटल सेंटर में प्रशिक्षण, परिचालन अवसंरचना और सैनिक कल्याण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान वरिष्ठ कमांडरों ने दोनों रेजिमेंटल केंद्रों की प्रशिक्षण अवसंरचना का आकलन किया और अग्निवीरों की 9वीं बैच से बातचीत की। उन्होंने आधुनिक सैन्य सेवा की आवश्यकताओं के लिए दिए जा रहे समग्र प्रशिक्षण की भी समीक्षा की।
इस बातचीत में भारतीय सेना के इस निरंतर जोर को रेखांकित किया गया कि सैनिक शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से मजबूत और पेशेवर रूप से दक्ष हों।
लेफ्टिनेंट जनरल चड्ढा ने नवचेतना केंद्र का भी दौरा किया, जहां उन्होंने सैनिकों के मानसिक कल्याण और समग्र विकास को बढ़ाने के लिए की जा रही मनोवैज्ञानिक आकलन और परामर्श पहलों की समीक्षा की। इस केंद्र की भूमिका वैज्ञानिक मूल्यांकन और मार्गदर्शन के माध्यम से मानसिक दृढ़ता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताई गई।
इसके बाद उन्होंने चिकित्सा एवं दंत सुविधाओं, स्टेशन अवसंरचना और आपूर्ति कंपनी का निरीक्षण किया। उन्होंने उन सहायक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जो रामगढ़ सैन्य स्टेशन पर तैनात सैनिकों की परिचालन दक्षता और कल्याण में योगदान देती हैं।
अधिकारियों और कर्मियों की सराहना करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा ने पंजाब और सिख रेजिमेंटल केंद्रों में बनाए गए उच्च प्रशिक्षण मानकों की प्रशंसा की। उन्होंने मजबूत मनोवैज्ञानिक आकलन ढांचे, आधुनिक अवसंरचना और सैनिकों के जीवन स्तर को सुधारने तथा संस्थागत दक्षता बढ़ाने वाली नवाचारी पहलों की भी सराहना की।
यह दौरा भविष्य के लिए तैयार सैनिकों के निर्माण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दोहराता है। इसमें आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, व्यापक कल्याण उपायों और निरंतर अवसंरचना विकास के साथ-साथ प्रशासनिक, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रणालियों को सशक्त बनाए रखने पर बल दिया गया।