केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के आधुनिकीकरण पर आयोजित राउंड टेबल सम्मेलन का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ। इस सत्र में आधुनिकीकरण की प्राथमिकताओं, उभरती जरूरतों और भविष्य की क्षमता-वृद्धि को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
समापन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बदलती सुरक्षा और परिचालन चुनौतियों के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की क्षमताओं को मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए। चर्चा का केंद्र यह रहा कि इन बलों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे अधिक सक्षम बनाया जाए।
मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक सुजन आर. चिनॉय ने सत्र के दौरान महत्वपूर्ण अवलोकन साझा किए। उन्होंने आधुनिकीकरण प्रक्रिया और भविष्य की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और आधुनिकीकरण की प्राथमिकताओं तथा क्षमता-विकास की आगे की दिशा पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन में उन क्षेत्रों की पहचान पर जोर दिया गया, जहां निरंतर आधुनिकीकरण की आवश्यकता है। साथ ही, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करके बदलती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने पर चर्चा हुई।
यह सम्मेलन अधिकारियों और विशेषज्ञों के लिए एक ऐसा मंच बना, जहां उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भविष्य की जरूरतों और आधुनिकीकरण के माध्यम से उनकी परिचालन प्रभावशीलता बढ़ाने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।